ये वेदना असीम भावों की आज कविता बन कर कुरेद रही है...मन हुआ व्यथित अब आसमान में उड़ने को करता हैकभी हवा में उड़ने का तो कभी समुद्र में बहने का करता है आतंकी करतूते हों या पुलिसिया कुप्रबंधन होएक-एक करके सबसे लड़ने का मन करता हैबहुत हुआ कुप्रचार नेताओं का, ताना बा...