ब्लॉगसेतु

समीर लाल
309
Ingredients:चिकन – Chicken  – 500 gmsतेज पत्ता – Bay Leaves – 2काली मिर्च – Black Pepper – 7 -8बडी ईलायची – Black Cardamom – 2दाल चीनी – Cinnamon Stick -  1 Small Pieceलाल मिर्च – Dry Red Chilli - 2जीरा – Cumin Seed – 1 Tea Spoonधनिया – Coriander Seeds –...
ANITA LAGURI (ANU)
23
नंदू नंदू दरवाजे की ओट से,निस्तब्ध मां को देख &#2...
अनंत विजय
56
1981 में राहुल रवैल के निर्देशन में एक फिल्म आई थी, लव स्टोरी। फिल्म जबरदस्त हिट रही थी। इस फिल्म में अपने जमाने के जुबली कुमार कहे जाने वाले राजेन्द्र कुमार के अभिनेता पुत्र कुमार गौरव को लॉंच किया गया था। उनके साथ नायिका की भूमिका में भी एक लड़की विजयता पंडित को...
Kajal Kumar
16
Bhavana Lalwani
358
 "क्योंकि, मैं तुम्हारा  लौह आवरण उतरते देख रहा हूँ। "'और तुम खुश हो रहे हो ?"" नहीं, लेकिन इतना अंदाज़ा नहीं लगाया था मैंने।""किस बात  का अंदाज़ा ?""तो क्या अंदाज़ा था तुम्हारा ?""जो भी था, जाने दो। ""मेरे ख्याल से एक एक कंकर  फेंकने के बजाय...
सुमन कपूर
311
मैं सु-मन , ब्लॉगर ऑफ द ईयर 2019 के लिए नामांकित हुई हूँ | वैसे मेरे लिहाज से नामांकन मेरा नहीं मेरे ब्लॉग 'बावरा मन ' का है | मुझे पिछले 9 सालों से अपने पाठकों का भरपूर प्यार मिला जिन्होंने मेरे लेखन को सराहा व मुझे और बेहतरीन लिखने की प्रेरणा दी | iblogger द...
 पोस्ट लेवल : नामांकन blogger
Yashoda Agrawal
3
आज पर्यावरण दिवस पर विशेषमत काटो तुम ये पेड़हैं ये लज्जावसनइस माँ वसुन्धरा के।इस संहार के बादअशोक की तरहसचमुच तुम बहुत पछाताओगे; बोलो फिर किसकी गोद मेंसिर छिपाओगे? शीतल छायाफिर कहाँ से पाओगे ? कहाँ से पाओगे फिर फल? कहाँ से मिलेगा? सस्य श्या...
समीर लाल
309
Ingredients:Pressure Cook Medium 2 Whistles:300 gms Mutton – Goat Meat – बकरे का गोश्तनमक - ½ Tea Spoon Saltतेज पत्ता - 1 ½  Bayleavesलहसून - 4 Garlic Clovesप्याज - 1 Small Onionसौंफ - ¾ Tea Spoon Fennel Seedsधनिया खड़ा - ¾ Tea Spoon Coriander Seedsहरी ईलायची -...
Yashoda Agrawal
3
खड़े जहाँ पर ठूँठकभी वहाँपेड़ हुआ करते थे।सूखी तपतीइस घाटी में कभीझरने झरते थे।छाया के बैरी थे लाखोंलम्पट ठेकेदार,मिली-भगत सब लील गई थीनदियाँ पानीदार।अब है सूखी झील कभी यहाँ पनडुब्बा तिरते थे।बदल गए हैं मौसम सारेखा-खा करके मारधूल-बवण्डरसिर...
Yashoda Agrawal
3
खुसरो के हृदय का उद्‌गार है हिन्दी।कबीर के दोहों का संसार है हिन्दी॥मीरा के मन की पीर बन गूँजती घर-घर।सूर के सागर - सा विस्तार है हिन्दी॥जन-जन के मानस में, बस गई जो गहरे तक।तुलसी के 'मानस' का विस्तार है हिन्दी॥दादू और रैदास ने गाया है झूमकर।छू गई है मन के सभी तार ह...