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jaikrishnarai tushar
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भारत माता [यह गीत भारत के समस्त सैन्यबल को समर्पित है ]एक देशगान -सन बासठ की नहीं रही यह माटी हिन्दुस्तान की छेड़ो मत लद्दाख ,हिमालय घाटी हिन्दुस्तान की |सन बासठ की नहीं रही अब माटी हिन्दुस्तान की |हिन्द महासागर उबलेगा धर...
jaikrishnarai tushar
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प्रभु श्री राम एक गीत --आस्था का राम ! तुम्ही थे राम ! अवध की माटी बोल रही साक्ष्य सब निकलनिकल प्रणाम बोलने लगे ।जो प्रमाण माँगते थेराम बोलने लगे ।राम ! तुम्ही थे राम ! अवध की माटी बोल रही सूर्यवंश केरघुकुल की परिपाटी बोल रही |राम ! तुम्ही&...
sahitya shilpi
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ANITA LAGURI (ANU)
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                                        मुझे आती नहींमुस्कुराहट  तुम्हारी  तरहन ही आती हैआंखों को नीचेकर शरमाने की कलामेरी संवेदनाएं तो यहीं...
sanjiv verma salil
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दोहा सलिला माटी के संसार का, माटी सा दस्तूर श्वास-आस माटी मुई, माटी ही संतूर*माटी से माटी मिले, माटी होती दूर माटी खिल-खिल झर रही, माटी पर है नूर*माटी माटी पर करे, माटी मलकर नेहमाटी माटी से मिले, होकर 'सलिल' विदेह*माटी माटी से मिले, माटी को नव देह&nb...
 पोस्ट लेवल : doha maatee दोहा माटी
sahitya shilpi
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prabhat ranjan
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जब भी गिरमिटिया मजदूरों की बात होती है, हमारे सामने ऐसे किसी मजदूर की जो छवि उभरती है वह भोजपुरी समाज का होता है। अभी तक जो भी बहुचर्चित साहित्यिक लेखन सामने आए हैं, उनमें भोजपुरिया गिरमिटियों के बारे में ही खास तौर पर बात हुई है। लेकिन जो झारखंडी आदिवासी मजदूर बाह...
रविशंकर श्रीवास्तव
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गीत सुनाती माटी अपने, गौरव और गुमान की।दशा सुधारो अब तो लोगों, अपने हिन्दुस्तान की।।खेतों में उगता है सोना, इधर-उधर क्यों झाँक रहे?भिक्षुक बनकर हाथ पसारे, अम्बर को क्यों ताँक रहे?आज जरूरत धरती माँ को, बेटों के श्रमदान की।दशा सुधारो अब...
 पोस्ट लेवल : गीत गीत सुनाती माटी
मुन्ना के पाण्डेय
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रात नाच महोत्सव समिति, बिलासपुर लोक पर केंद्रित पत्रिाका 'मड़ई' का वार्षिक प्रकाशन करती है। यह पत्रिाका निःशुल्क वितरित होती है। डॉ. कालीचरण यादव के संपादन में इस पत्रिाका ने रचनाकारों-पाठकों के बड़े समुदाय को जोड़ा है। लोक के विभिन्न पहलुओं में दिलचस्पी...