ब्लॉगसेतु

विजय राजबली माथुर
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स्पष्ट रूप से पढ़ने के लिए इमेज पर डबल क्लिक करें (आप उसके बाद भी एक बार और क्लिक द्वारा ज़ूम करके पढ़ सकते हैं ) संपादकीयवाजपेयी को महान बताना ब्राह्मणवाद की गुलामी, ब्राह्मणवाद की पालकी ढ़ोना हैWritten by innbharat on August 17, 2018ब्राह्मणावाद किस तरह से हम...
Bhavna  Pathak
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   अब ऐसी भयानक घटना के बाद और क्या कहा जा सकता है सिवाय इसके कि हमारे जिम्मेदारों को सिर्फ हादसों का इंतजार रहता है। उनकी नींद केवल हादसों पर ही कुछ समय के लिए टूटती है। इसके बाद फिर वे किसी हादसे के इंतजार में लंबी तान कर सो जाते हैं। यह चक्र हादसे दर ह...
Bhavna  Pathak
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बच्चो, सुपर डुपर नानी मनकौर ने 101वर्ष की उम्र में 100 मीटर का फर्राटा भर कर गोल्ड मेडल जीता है। है न कमाल की बात। तो आओ हो जाए एक कविता ऐसी दमदार नानी के नाम।नानी ने कर दिया कमालदुनिया भर में मचा धमालसौ से ऊपर उमर हो चुकीहैैं हिम्मत से मालामालनानी ने दिखलाया दमखमन...
sanjiv verma salil
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लघु कथा - नव विधान और मूल्यों की आवश्यकता*पारंपरिक लघुकथा का उद्गम व् उपयोगिता -                       लघु कथा का मूल संस्कृत वांग्मय में है। लघु अर्थात देखने में छोटी, कथा अर्थात जो कही जाए...
अनंत विजय
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अदालतों के फैसले पर कयासबाजी उचित नहीं मानी जाती है, लेकिन जब शीर्ष अदालत के शीर्ष न्यायाधीश कोई संकेत दें तो फैसले के संकेत को साफ तौर पर समझा जा सकता है । दिल्ली में दो हजार सीसी से ज्यादा क्षमता की एसयूवी पर पाबंदी के खिलाफ सुनवाई करते हुए सर्वोच्च न्यायालय के म...
केवल राम
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चिन्तन मनुष्य की सहज प्रवृति है. यह गुण उसे प्रकृति द्वारा प्रदत्त है. चिन्तन के इसी गुण के बल पर उसने प्रकृति के रहस्यों को समझने की भरपूर कोशिश की है, और आज तक वह इस दिशा में अनवरत क्रियाशील है. उसके चिन्तन के अनेक आयाम हैं और हर एक आयाम का अपना एक महत्व है. दुन...
हंसराज सुज्ञ
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एक संन्यासी एक राजा के पास पहुंचा। राजा ने उसका खूब आदर-सत्कार किया। संन्यासी कुछ दिन वहीं रूक गया। राजा ने उससे कई विषयों पर चर्चा की और अपनी जिज्ञासा सामने रखी। संन्यासी ने विस्तार से उनका उत्तर दिया। जाते समय संन्यासी ने राजा से अपने लिए उपहार मांगा। राजा ने एक...