ब्लॉगसेतु

Ashish Shrivastava
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नोवेल कोरोनावायरस(Covid-19) का त्रिआयामी चित्रण 17 नवंबर 2019, पूरी दुनियाँ अपने रोज़मर्रा के कार्यो में व्यस्त थी लेकिन चीन के हुबेई प्रांत में एक 55 वर्षीय व्यक्ति एक वायरस के संक्रमण से पीड़ित था। उस समय तक किसी को आभास भी नही था कि यह वायरस पूरे विश्व के लिए कि...
अनीता सैनी
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खिल उठेगा आँचल धरा का, मानव मन अब अवसाद न कर, चहुओर प्रेम पुष्प खिलेंगें समय साथ है आशा तू धर।  पतझर पात विटप से झड़ते, बसँत नवाँकुर खिल आएगा, खुशहाली भारत में होगी  गुलमोहर-सा खिल जाएगा, बितेगा फिर समय ये भारी,  संय...
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--सेवा का व्रत धार लिया है।मानवता से प्यार किया है।। -- रंग बहुत थे ढंग बहुत थे,कभी न उल्टा पथ अपनाया,जिसको अपना मीत बनाया,उसका पूरा साथ निभाया,हमने सूई-धागा लेकर,बैरी का भी वक्ष सिया है।मानवता से प्यार किया है।। --झंझावातों के दलदल में, कभी किसी...
रवीन्द्र  सिंह  यादव
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चल पड़े होतो कट ही जाएगाधीरे-धीरे दुरूह सफ़र,विचलित है हृदयदेखकर21 दिवसीय लॉक डाउन के बादघर की ओर जातेपैदल ग़रीबों की ख़बर। कमाल की हिम्मत हैहालात औरकोरोना वायरस से लड़ने की,तुम्हें कौन समझाएनियम-क़ानून, जुगतमहामारी से लड़ने की। तुम हो भारत कीतथाकथित शान,सरकार क...
अपर्णा त्रिपाठी
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दूर हैं तुमसे तो क्या खुशियां बांट तो सकते ही हैंहाथ में हाथ नहीं तो क्यासाथ निभा तो सकते ही हैंरात है लम्बी तो क्यामसाल जला तो सकते ही हैंहैं बंद जो घर में तो क्याहौसला बढ़ा तो सकते ही हैंताले पड़े मंदिर में तो क्यापुकार लगा तो सकते ही हैंसब काम ढप है...
 पोस्ट लेवल : मानवता
Manav Mehta
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देर रात जब मोहब्बत नेदस्तक दी चौखट परमैनें अपनी रूह को जलादिल को रोशन कर दियालफ्ज़ दर लफ्ज़ चमकने लगे ज़हन मेंमैनें एक एक करकेइश्क़ के सभी हर्फ़ पढ़ डालेइश्क़ मेहरबान हुआ मुझ परदुआएं कबूल हुईं मेरीहर्फे- मोहब्बत मेंतेरा नाम लिखा पाया...!!देर रात जब मोहब्बत नेदस...
Ashish Shrivastava
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वैज्ञानिक अनुप्रयोग के महत्व के संदेश को व्यापक तौर पर प्रसारित करने के लिए हर वर्ष 28 फरवरी को राष्ट्रीय विज्ञान दिवस मनाया जाता है। इस आयोजन के द्वारा मानव कल्याण के लिए विज्ञान के क्षेत्र में घटित होने वाली प्रमुख गतिविधियों, प्रयासों और उपलब्धियों को प्रदर्शित...
अमितेश कुमार
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मानवेंद्र त्रिपाठी राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय के स्नातक हैं और इन दिनों मुंबई में रहकर सिनेमा, टेलीविजन और रंगकर्म में सक्रिय हैं. प्रवीण कुमार गुंजन निर्देशित 'समझौता' में अपने अभिनय से मानवेन्द्र ने रंग जगत में अपनी धाक जमाई थी. वरिष्ठ साहित्यकार हृषिकेश...
विजय राजबली माथुर
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स्पष्ट रूप से पढ़ने के लिए इमेज पर डबल क्लिक करें (आप उसके बाद भी एक बार और क्लिक द्वारा ज़ूम करके पढ़ सकते हैं )     संकलन-विजय माथुर, फौर्मैटिंग-यशवन्त यश
रवीन्द्र  सिंह  यादव
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अरे!यह क्या ?अराजकता में झुलसता मेरा देश,अभागी चीख़ में सिसकता परिवेश।सरकारी शब्दजाल नेऊबड़खाबड़ घाटियों में धकेला है,शहर-शहर विरोध कामहाविकट स्वस्फूर्त रेला है,होंठ भींचे मुट्ठियाँ कसते नौजवानकोई मुँह छिपाकर देशद्रोहीजलाता अपना देश,अभागी चीख़ में सिसकता परिवेश।रक...