ब्लॉगसेतु

kumarendra singh sengar
24
बिहार में मिड-डे-मील से बच्चों की मृत्यु ने इस की खामियों को एक बार फिर उजागर कर दिया. मिड-डे-मील में अव्यवस्था का ये कोई पहला मामला नहीं है, देश में जहाँ ये योजना लागू है वहां से इसमें गड़बड़ियों की शिकायत लगातार मिलती रही है. दरअसल समूची योजना को भले ही बच्चों को...
kumarendra singh sengar
24
“हिन्दू, मुस्लिम, सिख, ईसाई, आपस में सब भाई-भाई” का नारा अपने आपमें आदर्शवाद की अद्भुत संकल्पना पेश करता है. इसके बाद भी आये दिन धार्मिक उन्माद, धार्मिक विभेद से समूचे देश का सामना होता रहता है. ये सुनने में भले ही अजीब लगे और शायद देश के तथाकथित धर्मनिरपेक्षवादिय...
kumarendra singh sengar
24
सम्मानित, महान और प्रातःस्मरणीय आतंकवादियो,सादर नमनआपकी आत्मघाती जीवटता के चलते ही आपको सम्मानित, महान और प्रातःस्मरणीय से संबोधित किया जा रहा है. इसमें आप या आपके समर्थक कहीं कोई कनेक्शन न ढूंड़ने लगिएगा क्योंकि आप लोग भले ही कोई कनेक्शन न सोचें पर आपके प्रति घनघो...
kumarendra singh sengar
24
खाद्य सुरक्षा बिल पर आनन-फानन केंद्र सरकार ने अपनी जल्दबाजी दिखाकर कहीं न कहीं ये संकेत दे दिया है कि लोकसभा चुनाव किसी भी समय हो सकते हैं. मानसून सत्र के महज चंद दिनों पहले ही अध्यादेश के रूप में इस महत्वपूर्ण बिल को लाने की मंशा सिर्फ और सिर्फ मतदाताओं को लुभाने...
kumarendra singh sengar
24
आये दिन समाज में किसी न किसी बात को लेकर विरोध प्रदर्शन किये जाते दिख जाते हैं. कभी सरकार की कार्यप्रणाली को लेकर, कभी प्रशासन की गतिविधियों को लेकर, कभी राजनैतिक दलों को लेकर, कभी व्यापार को लेकर, कभी विरोध होता है टीवी/फिल्म आदि को लेकर और सबसे बड़ी बात कि कुछ दि...
kumarendra singh sengar
24
उत्तराखंड की आपदा, केदारनाथ की तबाही से प्रभावित इंसानों ने अपना बहुत कुछ गंवाया है, अपने परिवार को खोया है. वहां रह रहे लोगों ने एक तरह से अपने वजूद को भी गंवाया है. हर गलती इन्सान को कुछ न कुछ सीखने का अवसर देती है. हर संकट से बाहर निकलने के रास्ते मिलते हैं, सं...
kumarendra singh sengar
24
मनुबेन की डायरी से मोहनदास करमचंद गाँधी नामक व्यक्ति, जिसे देश ने महात्मा, बापू, राष्ट्रपिता जैसे सम्मानीय संबोधनों से पुकारा, के ब्रह्मचर्य के प्रयोग की सत्यता प्रकट हुई. जितना कुछ मीडिया के माध्यम से सामने आया है उसमें कुछ नया नहीं है, पहले भी इस सम्बन्ध में कई...
kumarendra singh sengar
24
ऐसा लग रहा है जैसे हमारे देश में प्राकृतिक आपदा पहली बार आई हो. सभी चिंतातुर हैं, मीडिया से लेकर समाजसेवी तक, राजनेता से लेकर आम आदमी तक किन्तु कुछ सीखेंगे नहीं. जिस-जिस के हाथ में कैमरा है, जिस-जिस के पास इंटरनेट है, जिस-जिस के सामने टीवी खुला हुआ है वो ‘सबसे पहल...
kumarendra singh sengar
24
राजनीति पर निगाह भी सब रखेंगे, राजनीति की चर्चा भी चाय-पान की दुकान पर करेंगे, राजनैतिक विश्लेषक बनके अपने को बुद्धिजीवी साबित करेंगे, राजनैतिक आकलन करके लोगों पर रोब ज़माने की कोशिश की जाएगी और अंत में निष्कर्ष निकालेंगे कि राजनीति सबसे गन्दी चीज है. बात-बात में उ...
kumarendra singh sengar
24
तमाम आयोजनों में ढकोसलों को करने के अभ्यस्त इन्सान ने पर्यावरण बचाने के लिए भी जबरदस्त रूप से ढकोसला करके दिखा दिया. पूरी शिद्दत से उसके द्वारा वृक्षारोपण किया गया, हरित-गोष्ठियों का आयोजन किया गया, लोगों को बाग़-बगीचों, हरे-भरे पेड़-पौधों के लाभों से परिचित करवाया...