मान जाओ प्रिये..... है मिलन की घड़ी मत करो हड़ब‌ड़ी | इतनी जल्दी तुम्हें जाने की क्या पड़ी | पास  बैठो  अजी दूर क्यों हो खड़ी | देख  लूँ   मैं  जरा रूप की फुलझड़ी | छोड़ दो - छोड़ दो आँसुओं की झड़ी | हँसके बिखरा भी दो मोतियों &nbsp...
 पोस्ट लेवल : मान जाओ प्रिये.....