ब्लॉगसेतु

Ashish Shrivastava
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यह हमारा सौभाग्य है कि अब तक ज्ञात ब्रह्मांड में केवल हमारी धरती पर ही जीवन है। सिर्फ जीवन ही नहीं है, बल्कि मानव जाति ने विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में इतनी प्रगति की है कि आज हम एक सुविधाजनक और सुरक्षित जीवन जीने में भी सक्षम हैं। मगर हमारी वर्तमान दुनिया...
 पोस्ट लेवल : जीव विज्ञान मिथक
Ashish Shrivastava
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हाल ही में फ्रांस के वायरोलॉजिस्ट और साल 2008 में एचआईवी-विषाणु की खोज के लिए चिकित्सा विज्ञान के नोबेल पुरस्कार विजेता ल्यूक मॉन्टेनियर ने दावा किया है कि सार्स-सीओवी 2 वायरस मानव निर्मित है। उन्होंने बताया कि ये वायरस चीन के लैब में एचआईवी  वायरस के खिलाफ एक वै...
Ashish Shrivastava
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जालंधर के लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी में भारतीय विज्ञान कांग्रेस का 106वां अधिवेशन 7 जनवरी, 2019 को संपन्न हुआ। इंडियन साइंस कांग्रेस एसोसिएशन की स्थापना दो अंग्रेज़ वैज्ञानिकों जे. एल. सीमोंसन और पी. एस. मैकमोहन की दूरदर्शिता और पहल पर 1914 में हुई थी। 1914 में ह...
sanjiv verma salil
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मिथकों में केलि-प्रसंग*'विश्वैक नीड़ं' और 'वसुधैव कुटुम्बकं' का सत्य मिथकों से भी प्रमाणित होता है। सृष्टि की रचना महतविस्फोट जनित ध्वनि-तरंगों के आकर्षण-अपकर्षण, टकराव-बिखराव, कण के जन्म और कण द्वारा भार ग्रहण करने से होना धर्म, दर्शन और अध्यात्म सभी...
Tejas Poonia
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जायसी का पद्मावत और भंसाली की पद्मावती वाया मिथक, कल्पना और भंसालीबाजीराव मस्तानी फ़िल्म से सबको रोमांचित तथा उद्भूत कर देने वाले सञ्जय लीला भंसाली, दीपिका पादुकोण, रणवीर सिंह इस बार लेकर आ रहे हैं पद्मावती। एक रानी थी चित्तौड़ की पद्मिनी जिसे पद्मावती के नाम से भी...
Ashish Shrivastava
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वैज्ञानिक विधी आधुनिक काल को हम वैज्ञानिक युग की संज्ञा देते हैं। विज्ञान ने मानव के सामर्थ्य एवं सीमाओं का विस्तार किया है। विज्ञान और वैज्ञानिक दृष्टिकोण के बीच गहरा संबंध होता है। आज अनगिनत उपकरण व डिवाइस हमारे दैनिक जीवन के अंग बन चुके हैं। लेकिन हमारे देश और स...
Ashish Shrivastava
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लेखक -प्रदीप विज्ञान का इतिहास कई हजार वर्ष पुराना है, परंतु विज्ञान के व्यापक विकास की शुरुवात तकरीबन साढ़े चार सौ वर्ष पहले उस समय हुई, जब आधुनिक विज्ञान की नींव तैयार हो रही थी। आधुनिक विज्ञान के आविर्भाव से भौतिक एवं जैविक दुनिया के बारे में मनुष्य के ज्ञान में ...
अनंत विजय
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एक तरफ जहां हिंदी साहित्य लेखन में एकरसता जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई है और लगभग एक ही ढर्रे पर कहानी, कविता और उपन्यास लिखे जा रहे हैं वहीं दूसरी तरफ अंग्रेजी में लिखनेवाले भारतीय लेखकों ने विषयों की विविधता को लेकर खासे प्रयोग किए । हिंदी में पुरातन भारतीय चरित्रों...
Arvind Mishra
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कौस्तुभ ने पूछा है कि शिवजी के ललाट पर बालचंद्र  क्यों हैं ,पूर्णचन्द्र क्यों नहीं? अब सवाल है तो उत्तर भी होना चाहिए।  किसी को यह भी लग  सकता है कि भला यह भी कोई सवाल है? अर्धचंद्र है तो है अब इसकी क्या मीमांसा? देवी देवताओं के मामले में ऐसा हस्तक्ष...
 पोस्ट लेवल : मिथक
Ashish Shrivastava
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हाल ही मे एक हिन्दी फिल्म आयी है ’मिस्टर ए़क्स” जिसमे नायक अदृश्य हो सकता है। कहानीयों मे , फिल्मो मे अदृश्य होने का कथानक नया नही है, एच जी वेल्स की कहानी ’The invisible man(अदृश्य मानव)‘ मे अदृश्यता का कथानक है। 50 के दशक मे आयी हिंदी फिल्म ’मिस्टर एक्स इन...