ब्लॉगसेतु

Lokendra Singh
104
भारतीय भाषाओं के सम्मान का अनुष्ठानयूँ तो मीडिया विमर्श का हर अंक ही विशेष होता है। हर अंक पठनीय और संदर्भ सामग्री से भरा पड़ा संग्रहणीय। कई ऐसे विषयों पर भी मीडिया विमर्श ने विशेषांक निकाले हैं, जिनकी मीडिया में भी अत्यंत कम चर्चा होती है और होती भी है तो वही पुरान...
kumarendra singh sengar
27
कुछ पुराने मित्रों को याद किया और कुछ नए मित्रों की सुध ली. इस बार का दशहरा, दीपावली कुछ खाली-खाली सी नजर आई. इसके पार्श्व में कतिपय घटनाक्रमों का भी होना रहा मगर उससे ज्यादा लोगों का अब सोशल मीडिया के द्वारा त्योहारों को मना लेना भी रहा. हमारे परिवार सहित कुछ मित्...
Lokendra Singh
104
सक्रिय पत्रकारिता और उसके शिक्षण-प्रशिक्षण के सशक्त हस्ताक्षर प्रो. कमल दीक्षित की नयी पुस्तक ‘मूल्यानुगत मीडिया : संभावना और चुनौतियां’ ऐसे समय में आई है, जब मीडिया में मूल्यहीनता दिखाई पड़ रही है। मीडिया में मूल्यों और सिद्धांतों की बात तो सब कर रहे हैं, लेकिन उस...
Krishna Kumar Yadav
132
सृजन एवं अभिव्यक्ति की दृष्टि से हिंदी दुनिया की अग्रणी भाषाओं में से एक है। हिन्दी सिर्फ एक भाषा ही नहीं बल्कि हम सबकी पहचान है, यह हर हिंदुस्तानी का हृदय है। हिन्दी को राष्ट्रभाषा  किसी सत्ता ने  नहीं बनाया, बल्कि भारतीय भाषाओं और बोलियों के बीच संपर्क...
रवीन्द्र  सिंह  यादव
306
अंगारे आँगन में सुलग-दहक रहे हैं, पानी लेने परदेश जाने की नौबत क्यों ?न्यायपूर्ण सर्वग्राही राम राज्य में नारी को इंसाफ़ के लिये दर-ब-दर भटकना क्यों?बाढ़ में सब बह गया फ़सलें हुईं तबाह विदेशों में जलसों की बेहूदा ख़बरें क्यो...
kumarendra singh sengar
27
सोशल मीडिया ने नियंत्रण के सारे बिन्दुओं को किनारे लगा रखा है. इस मंच पर न रिश्तों की कोई कद्र है, न संबंधों की, न उम्र की. इसकी उन्मुक्तता ने सभी को आज़ादी दे रखी है और वह भी पूरी तरह से निरंकुशता वाली. इस निरंकुश आज़ादी की कीमत लोगों के अपमान से, लोगों की बेइज्जती...
sanjiv verma salil
7
ट्रू मीडिया००१. कुमार अनुपम, बी २  हाउसिंग कॉलोनी सी कंकरबाग, पटना ८०००२०, चलभाष ९४३३११७८९७७००२. कालीपद प्रसाद मंडल, ४०३ ज्योति मीदास, राममंदिर, कोंडापुर हैदराबाद ५०००८४ चलभाष ९६५७९२७९३१००३. राजेंद्र वर्मा, ३/२९ विकास नगर, लखनऊ २२६०२२, चलभाष ८००...
kumarendra singh sengar
27
सोशल मीडिया पर जिस दौर में हमारा आना हुआ था तब लोगों ने बताया-समझाया था कि यहाँ बौद्धिक चर्चा होती है, आपसी विमर्श होता है. बहुतेरे लोगों ने हमारे पढ़ने-लिखने के शौक को देखते हुए बताया था कि इसके माध्यम से अच्छा पढ़ने को मिलेगा और उससे लिखने में सहायता मिलेगी. शुरुआत...
Lokendra Singh
104
'अभिव्यक्तिकी आजादी' पर एक बार फिर देशभर में विमर्श प्रारंभ हो गया है। उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर विवादित टिप्पणी करने और वीडियो शेयर करने के मामले में एक स्वतंत्र पत्रकार प्रशांत कनौजिया की गिरफ्तारी से यह बहस प्रारंभ हुई है। इस बहस में एक जरूरी...
kumarendra singh sengar
27
तकनीकी रूप से कई बार आभास होता है कि हम बहुतों से बहुत पीछे हैं, बहुत पिछड़े हैं. हमारे साथ के ही बहुत से लोग हमसे कई सालों पहले से कंप्यूटर का उपयोग करने लगे थे. हमने पहली बार कंप्यूटर का आंशिक उपयोग शायद 1999 में करना शुरू किया था. हालाँकि देखने और छूने को तो सन 1...