ब्लॉगसेतु

शिवम् मिश्रा
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मेजर संदीप उन्नीकृष्णन (15 मार्च 1977 - 28 नवम्बर 2008) अशोक चक्र (मरणोपरांत) संदीप उन्नीकृष्णन (15 मार्च 1977 -28 नवम्बर 2008) भारतीय सेना में एक मेजर थे, जिन्होंने राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड्स (एनएसजी) के कुलीन विशेष कार्य समूह में काम किया. वे नवम्बर 200...
विजय राजबली माथुर
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स्पष्ट रूप से पढ़ने के लिए इमेज पर डबल क्लिक करें (आप उसके बाद भी एक बार और क्लिक द्वारा ज़ूम करके पढ़ सकते हैं )  Mehboob Khan2 days agoदुबे जी समय समय पर बिकाऊ मीडिया की पोल खोलने का काम कर रहे थे।और साथ ही सरकार की नकामीयों को भी उजागर कर रहे थे। गरीब, मजदू...
विवेक अग्रवाल
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एक डॉन - 45 नाम - गनतंत्र की बात 001जानिए किस अंडरवर्&#...
Kajal Kumar
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निरंजन  वेलणकर
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१३: मुंबई मैरेथॉन के अन्य पहलू डिस्क्लेमर: यह लेख माला कोई भी टेक्निकल गाईड नही है| इसमें मै मेरे रनिंग के अनुभव लिख रहा हूँ| जैसे मै सीखता गया, गलती करता गया, आगे बढता गया, यह सब वैसे ही लिख रहा हूँ| इस लेखन को सिर्फ रनिंग के व्यक्तिगत तौर पर आए हुए अनुभव के...
शिवम् मिश्रा
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अरुणा शानबाग ... हम मे से बहुतों ने 2015 में पहली बार इस नाम और इस नाम से जुड़ी शख़्सियत के बारे मे जाना था | पर अफ़सोस कि इस जान पहचान के पीछे कोई भी सुखद कारण नहीं था | 2015 की खबरों की सुर्खियों मे जगह बनाने वाली अरुणा शानबाग का 18 मई 2015 को निधन हो...
शिवम् मिश्रा
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मेजर संदीप उन्नीकृष्णन (15 मार्च 1977 - 28 नवम्बर 2008) अशोक चक्र (मरणोपरांत) संदीप उन्नीकृष्णन (15 मार्च 1977 -28 नवम्बर 2008) भारतीय सेना में एक मेजर थे, जिन्होंने राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड्स (एनएसजी) के कुलीन विशेष कार्य समूह में काम किया. वे नवम्...
निरंजन  वेलणकर
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१: ए दिल है मुश्किल जीना यहाँ, जरा हट के जरा बच के ये है बम्बे मॅरेथॉन!!  नमस्ते! कल २० जनवरी को मुंबई में मैने मेरी पहली मॅरेथॉन की| ४२ किलोमीटर दौडने के लिए ५ घण्टे १४ मिनट लगे| बहुत अद्भुत अनुभव रहा! बहुत रोमांचक और विलक्षण माहौल था| इस अनुभव के बारे म...
शिवम् मिश्रा
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मेजर संदीप उन्नीकृष्णन (15 मार्च 1977 - 28 नवम्बर 2008) अशोक चक्र (मरणोपरांत) संदीप उन्नीकृष्णन (15 मार्च 1977 -28 नवम्बर 2008) भारतीय सेना में एक मेजर थे, जिन्होंने राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड्स (एनएसजी) के कुलीन विशेष कार्य समूह में काम किया. वे नवम्बर 2008...
kumarendra singh sengar
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आज से 10 वर्ष पहले 26 नवंबर 2008 को सिर्फ मुंबई नहीं दहली थी बल्कि पूरा देश दहल उठा था. चंद आतंकी शत्रु देश पाकिस्तान से जलमार्ग से आये और आते ही मौत बरसाने लगे. भारतीय सेना के, पुलिस के कुछ जांबाज़ लोगों के साथ-साथ कुछ जांबाज़ नागरिकों ने अपनी जान की परवाह न करते हु...