ब्लॉगसेतु

ANITA LAGURI (ANU)
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रात्रि का दूसरा पहरकुछ पेड़ ऊँघ रहे थेकुछ मेरी तरह शहर का शोर सुन रहे थेकि पदचापों की आती लय ताल नेकानों में मेरेपंछियों का क्रंदन उड़ेल दियातभी देखा अँधेरों मेंचमकते दाँतों के बीचराक्षसी हँसी से लबरेज़ दानवों कोजो कर रहे थे प्रहार हम परकाट रहे थे हमारे हाथों कोप...
Bhavna  Pathak
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     इसे कहते हैं बिल्ली के भाग से छींका टूटना। मुख्यधारा के मीडिया के लिए बाबा राम रहीम की स्टोरी कुछ इसी तरह रही। तब से अभी तक लगभग सारे खबरिया चैनल रोज बिना नागा चटखारे ले लेकर वही कहानी अपने अपने अंदाज से सुनाए जा रहे हैं जैसे चतुर हलवाई बासी समो...