ब्लॉगसेतु

मधुलिका पटेल
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ऐ ज़िन्दगी तू इतना क्यों रुलाती है मुझे ये आँखे है मेरी कोई समंदर या दरिया नहीं --- ~ ---गुज़रे हुए कल मैंने तो हद कर दी वक़्त से ही वक़्त की शिकायत कर दी --- ~ ---मेरी मुस्कान गिरवी रखी थी जहाँवो सौदागर ही न जाने कहाँ...
मधुलिका पटेल
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कई दिनों से खामखा की ज़िद वह श्रृंगार अधूरा सा क्यों है अब क्या और किस बात की जिरह मेरे पास नहीं है वो ज़ेवर जो तुम्हे वर्षों पहले चाहिए थेवह सब मैंने ज़मीं में दफ़न कर दिया है हालात बदल गए हैं तुम उस ख़ज़ाने को ढूंढना चाहते हो और चाहते...
Anju choudhary(anu)
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उज्जैन यात्रा के दौरान हमें  (मैं, विजय सपपत्ति और नितीश मिश्र ) चन्द्रकान्त देवताले जी से मुलाक़ात करने का सौभाग्य मिला  | बेहद सरल स्वभाव का व्यक्तित्व लिए हुए वो हमें लेने अपनी गली के नुक्कड़ तक आए | बेहद आदर भाव से अपने घर के आँगन में बैठाया |शालीन स्...
शिवम् मिश्रा
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मुलाक़ात के दौरान :- नवाज़ शरीफ :- सिंह साहब मैनपुरी मे हुये धमाके मे मारे गए लोगो का हमें भी काफी अफसोस है ! मनमोहन सिंह :- पर मैनपुरी मे तो कोई धमाका हुआ ही नहीं !!!!!!!!!! नवाज़ शरीफ :- आज कौन सी तारीख है ???? मनमोहन सिंह :- २९ सितंबर २०१३ ... नवाज़ शरीफ :- शीट ......
girish billore
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काम का दबाव परिजनो  फ़ुरसतिया जी जैसे वरिष्ट मित्र का नगरागमन सूचना समय पर मिली फ़िर भी मैं फ़ुरसतिया जी  से मुलाक़ात न कर सका.उछाह था आज़ भेंट हो ही जावेगी. किंतु क्या करें विधाता का लिखा मेरे हाथों कैसे फ़िरता. बवाल ने कहा था:-"महाराज़, तैयार रहियो टीक 6:30 पे...
 पोस्ट लेवल : फ़ुरसतिया जी मुलाक़ात