--खोटी जब तकदीर हो, खोटी हों तकरीर।कठमुल्लाओं की पड़ी, खतरे में जागीर।।--नहीं चलेगी मौलवी, मुल्लाओं की घात।शैतानों की देश में, बिगड़ रही औकात।।--देशद्रोह जो कर रहे, कुछ मुल्लाह-इमाम।उनकी सारी सम्पदा, कर दो अब नीलाम।।--नहीं मिलेगी हाट में, इन्सानियत-तमीज।बाँध ल...
 पोस्ट लेवल : दोहे मुल्लाओं की घात