ब्लॉगसेतु

सुशील बाकलीवाल
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      लडकी (प्रेम निवेदन करते लडके से)–      तूम पागल हो क्या ? मैं शादी शुदा हूँ, मेरा पति        है… और ऑफिस में एक बॉयफ्रेन्ड भी है ।      मेरा ex-boyfriend  मेरे पड़ोस में ही र...
ANITA LAGURI (ANU)
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तापस       मेरी डायरीयों के पन्नों में,       रिक्तत्ता शेष नहीं अब,       हर शुं तेरी बातों का         सहरा है..!   &...
सुशील बाकलीवाल
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          अमेरिका के राष्ट्रपति अब्राहम लिंकन किसी अधिकारी को नोट्स लिखवा रहे थे.. एक महिला बीच-बीच में बहुत बोल रही थी.          अधिकारी बोला ये महिला बोल-बोल के बहुत डिस्टर्ब कर रही है... ...
 पोस्ट लेवल : गलती हँसी और मुस्कान
Yashoda Agrawal
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मेरा अस्तित्व मेरे साथ है वो किसी के नाम का मोहताज नहीं पर हाँ जब मेरे नाम के साथ मेरे पिता का नाम होता है मुझे ख़ुशी होती हैउनका मेरे साथ होनाउनका अहसास उनका आभास ....और जब नाम के साथजुड़ता है पति का नाम तब भी नहीं खोता मेरा...
 पोस्ट लेवल : रीना मौर्य मुस्कान
Yashoda Agrawal
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उनके चेहरे से जो मुस्कान चली जाती है - मिलन 'साहिब'उनके चेहरे से जो मुस्कान चली जाती है,मेरी दौलत मेरी पहचान चली जाती है।जिंदगी रोज गुजरती है यहाँ बे मक़सद,कितने लम्हों से वो अंजान चली जाती है।तीर नज़रों के मेरे दिल में उतर जाते हैं,चैन मिलता ही नहीं जान चली जाती है।...
 पोस्ट लेवल : जान मुस्कान
Nitu  Thakur
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रोज मै तुम्हें कितना इंतजार करवाता हूँ थक हारकर जब लौटकर आता हूँ ज़िंदगी की उलझनों में खोया खोया सा मै तुम्हारी प्यारी सी मुस्कान को नजरअंदाज कर जाता हूँ कभी कभी गुस्से में बहुत कुछ कह जाता हूँ और तुम्हारे जाने के बा...
ANITA LAGURI (ANU)
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                                        मुझे आती नहींमुस्कुराहट  तुम्हारी  तरहन ही आती हैआंखों को नीचेकर शरमाने की कलामेरी संवेदनाएं तो यहीं...
मधुलिका पटेल
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ऐ ज़िन्दगी तू इतना क्यों रुलाती है मुझे ये आँखे है मेरी कोई समंदर या दरिया नहीं --- ~ ---गुज़रे हुए कल मैंने तो हद कर दी वक़्त से ही वक़्त की शिकायत कर दी --- ~ ---मेरी मुस्कान गिरवी रखी थी जहाँवो सौदागर ही न जाने कहाँ...
sanjiv verma salil
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मुक्तिका   मुस्कानसंजीव 'सलिल'जिस चेहरे पर हो मुस्कान,वह लगता हमको रस-खान..अधर हँसें तो लगता है-हैं रस-लीन किशन भगवान..आँखें हँसती तो दिखते -उनमें छिपे राम गुणवान..उमा, रमा, शारदा लगेंरस-निधि कोई नहीं अनजान..'सलिल' रस कलश है जीवनसुख देकर बन जा इंसान..****...
sanjiv verma salil
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चित्र पर रचना:छंद: कुंडलिया / कुंडली *विधान: एक दोहा + एक रोला अ. २ x १३-११, ४ x ११-१३ = ६ पंक्तियाँ आ. दोहा का आरंभिक शब्द या शब्द समूह रोला का अंतिम शब्द या शब्द समूह इ. दोहा का अंतिम चरण, रोला का प्रथम चरण *परदे में छिप कर रहे, हम तेरा दीदार। परदा ऐसा अनूठा, तू...