ब्लॉगसेतु

Ashok Kumar
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हिन्दी कविता की दुनिया का तो नहीं पता लेकिन आलोचना की दुनिया 'प्रतिबद्ध' और 'कलावाद' की एक अबूझ बायनरी और दोनों ही पदों की एक भ्रष्ट समझ से बनती है अक्सर. कला की उपस्थिति को कलावाद मान लेने का एक असर यह हुआ कि कुछ कवि और अधिक कला की खोल में छिपते चले गए और कुछ कवि...
 पोस्ट लेवल : मृत्युंजय
PRAVEEN GUPTA
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महामृत्युंजय मंत्र की महिमा अपार, इसकी ऊर्जा के आगे बेबस है आधुनिक क्वांटम मशीन57 वर्षीय स्वामी निरंजनानंद सरस्वती बताते हैं कि क्वांटम मशीन में विविध मंत्रों के मानसिक और बाह्य उच्चारण के दौरान उनसे उत्पन्न ऊर्जा को क्वांटम मशीन के माध्यम से मापा गया।चेतना, जो कि...
Ashok Kumar
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 मृत्युंजय हमारी पीढ़ी के एक अलहदा प्रकृति के कवि हैं. अलहदा शिल्प में भी और अपनी प्रतिबद्धता में भी. जिन दिनों लोक वगैरह को लेकर अक्सर अर्थहीन बहसें हवा में हैं मृत्युंजय लगभग अकेले लोक लय को साधने की अपनी दुष्कर कोशिश के साथ हमारे बीच उपस्थित हैं, वह भी किसी...