ब्लॉगसेतु

PRAVEEN GUPTA
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नो ब्रोकर! अदद कमरे की तलाश में शुरू किया स्टार्टअपदो आइआइटीयन, मेरठ के सौरभ गर्ग और हापुड़ के अमित अग्रवाल की सफलता की कहानीमहानगरों में उपलब्ध करा रहे सुविधा, नहीं लेते कोई कमीशन, पांच साल में जुटाया 850 करोड़ का निवेशदो आइआइटीयंस मेरठ के सौरभ गर्ग और हापुड़ के अ...
विजय राजबली माथुर
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कल - आज और कल ===============कभी - कभी कुछ विशेष परिस्थितियों में अतीत के कुछ पल यों मस्तिष्क में घूम जाते हैं जैसे यह पिछले कल के दिन की ही बात है। * ठीक 50 वर्ष पूर्व 1969 में जब मेरठ कालेज , मेरठ में बी ए में प्रवेश लिया तब राजशास्त्र ( pol sc), अर्थशा...
S.M. MAsoom
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कमाई का दूसरा नाम बनी मशरूम की खेतीमशरूम उत्पादन एक खेती है क्योंकि यह कृषि आधारित है। यह एक उद्योग भी है क्योंकि इसे उद्योग के रूप में अपनाया जा सकता है एक विज्ञान भी है क्योंकि इसमें वैज्ञानिक तथ्यों का समावेश है एक कला भी है। क्योंकि इसकी खेती में कलात्मकता है ए...
विजय राजबली माथुर
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जिस वर्ष 1969 में मैंने मेरठ कालेज, मेरठ में बी ए में प्रवेश लिया छात्र संघ के अध्यक्ष श्री सत्यपाल मलिक ( वर्तमान राज्यपाल,बिहार )ही थे। कालेज के प्राचार्य थे डॉ वी पुरी किन्तु वह अपनी प्राचार्य परिषद के पदाधिकारी बन जाने के कारण त्याग - पत्र दे गए और कार्यवाहक प्...
विजय राजबली माथुर
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स्पष्ट रूप से पढ़ने के लिए इमेज पर डबल क्लिक करें (आप उसके बाद भी एक बार और क्लिक द्वारा ज़ूम करके पढ़ सकते हैं )  *चौधरी चरण सिंह जी जिस मेरठ कालेज, मेरठ के छात्र रहे उसी कालेज का 1969-71 मैं भी छात्र रहा हूँ। हमारे सोशियोलाजी के एक प्रोफेसर साहब जो चौधर...
विजय राजबली माथुर
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स्पष्ट रूप से पढ़ने के लिए इमेज पर डबल क्लिक करें (आप उसके बाद भी एक बार और क्लिक द्वारा ज़ूम करके पढ़ सकते हैं )
विजय राजबली माथुर
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*चौधरी चरण सिंह जी जिस मेरठ कालेज,मेरठ के छात्र रहे उसी कालेज का 1969-71 मैं भी छात्र रहा हूँ। हमारे सोशियोलाजी के एक प्रोफेसर साहब जो चौधरी साहब की जाति से ही संबन्धित थे और चौधरी साहब के नाम से मशहूर थे तत्कालीन मुख्यमंत्री चौधरी चरण सिंह जी के कई कार्यों की सामा...
विजय राजबली माथुर
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जी हाँ 'कर्म' से ही भाग्य बनता है। मैं तो ज्योतिष का घोर विरोधी था और मेरा मानना था कि हमारा भाग्य हमारे हाथ में (मतलब अपने ही काबू में ) है। 1976 में ITC के निर्माणाधीन होटल मोगुल, ओबेराय , आगरा के एकाउंट्स विभाग में था अपने साथ साक्षात्कार में मिले और जाब पाने से...
विजय राजबली माथुर
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मई 1972 में जब प्रथम जाब मिला तो एकाउंट्स विभाग में जबकि सिलीगुड़ी में  हाईस्कूल में मजबूरीवश कामर्स पढ़ कर आगे आर्ट्स के विषय ले चुका था। सरु स्मेल्टिंग, मेरठ के चेयरमैन सुल्तान सिंह जैन साहब ने पर्सोनेल आफ़ीसर डॉ मिश्री लाल झा साहब से मुझे जाब पर लेने को कह दिय...
विजय राजबली माथुर
203
**********************************************************************************नानाजी की पुण्य तिथि - 27 मार्च पर स्मरण- श्रद्धांजली : ( बाएँ से नानाजी के भाई एवं  नानाजी - डॉ राधे मोहन लाल माथुर )( बाएँ से मामाजी -डॉ कृपा शंकर माथुर, पूर्व विभाध्यक्ष एनथ्र...