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पीताम्बर शम्भू
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आज का समय एक आधुनिक समय है। हर कोई कम समय में कुछ न कुछ कर दिखाना चाहता है। युवा पीढी से भी यही अपेक्षा की जाती है कि वे तुरंत ही कम समय में कुछ कर दिखायें। जितनी भी सफलता उन्हे लेनी है वे जल्दी ही प्राप्त कर लें। माता-पिता में आज कल ये प्रवृत्ति आम हो गई है कि वे...
पीताम्बर शम्भू
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दलीलें कुछ भी दी जाती रही हों या विरोध में कितनी ही बातें होती रहीं हों। हम यह भी जानते हैं कि लगभग 50 प्रतिशत या उससे ज्यादा लोग हमेशा से सामाजिक आधार पर आरक्षण का समर्थन नहीं करते। वजह कुछ भी दी जाती रहें, लेकिन आरक्षण को लेकर अपनी सोच का विस्तार करने की जरुरत है...
पीताम्बर शम्भू
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दिल्ली इन दिनों बड़ी खतरनाक तरह से हुई प्रदूषित हुई हवा की मार झेल रहा है। याद है मुझे जब 2016 में दिल्ली में ऑड-ईवन को कुछ समय के लिये ट्रायल के तौर पर लागू किया था.. तब भी शायद pm2.5 270-300 के आस पास रहा होगा। लेकिन दीपावली के बाद से जो प्रदूषण बढ़ा वह अब थमने क...
 पोस्ट लेवल : विचार Thoughts मेरे विचार Delhi
पीताम्बर शम्भू
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रविवार की दीपावली बडे धूम-धाम से मना लेने के बाद हम लोग आज इस विषय पर चर्चा करते नजर आ रहें हैं कि दिल्ली की हवा में दीपावली पर फोडे पटाखों के कारण जहर घुल गया है। अब किसी त्योहार को मानाने के तौर-तरीके ऐसे तो कम से कम नहीं होने चाहिए कि हम अपने वातावरण का ख्याल रख...
पीताम्बर शम्भू
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हमारे भारत देश में दीपावली हमेशा से ही एक बड़े धूम धाम से मनाने वाले त्योहारों में से एक रहा है। इस दिन के आने से पहले ही लोग घरों में सफाई, साज सजावट, रंग-रोगन करने-कराने लगते हैं। गरीब हो या अमीर सभी अपने घर को इस दिन साफ़ दिखाई देने में यकीन रखते हैं। माता महालक्ष...
पीताम्बर शम्भू
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सभी लोग जानते हैं भारत में नौकरी पा लेना एक किला जीतने जैसा काम समझा जाता है। ऐसा इसलिए है क्योंकि जितने लोग हैं उतनी नौकरियां हैं नहीं, और जितनी नौकरियां निकलती हैं उतने से कुछ ख़ास होने वाला नहीं है। आज हो ऐसा चला है कि बेरोजगारी खूब जोर पकड़ रही है। हमारे भारत देश...
पीताम्बर शम्भू
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हमारा आज का समाज बेहद तेज व अत्याधुनिक तो हुआ है, पर इसी तेजी ने हम सब लोगों में अनेकों बुराइयां, गलत सोच, अहम्, अहंकार और ना जाने क्या क्या भर दिया। जहाँ श्री राम के ज़माने के रावण के दस सर थे, लेकिन अब तो लगता है कि इस ज़माने में तो रावण के सरों की गिनती की ही नहीं...
पीताम्बर शम्भू
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भारत देश विभिन्न संस्कृतियों, धर्मों, परम्पराओं, मान्यताओं, भाषाओं का देश है। इसी कारण हमारे देश की चर्चा पूरे विश्व में एक मिसाल के तौर पर देखी जाती है। विश्व में शायद ही ऐसा कोई देश भारत जैसा मिले पर मुमकिन ही नहीं होता। इसी बीच त्योहारों के लिए चीन ने अपने...
पीताम्बर शम्भू
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महात्मा गाँधी बचपन में मेरे दिल और दिमाग पर छाए रहते थे। फिर ना जाने कैसे कैसे समाज में घुलने मिलने के साथ ही मेरे पूरे दर्शन, ज्ञान और विचार कब गांधी के खिलाफ बोलने लगे ये मैं खुद भी नहीं जान पाया। जाहिर है ये सब मेरे अंदर आने वाले द्वेष का कारण समाज में व्याप्त व...
पीताम्बर शम्भू
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उरी में हुए आतंकी हमले के बाद से रोज रोज भारत पाक के युद्ध अब तो एक बार हो ही जाने की बातें गली-नुक्कड़, ऑफिसों, शिक्षण संस्थानों सहित फेसबुक, ट्विटर और तमाम सोशल नेटवर्किंग साईट्स पर दिखाई दे रहीं हैं। नए नए नौजवान तैयार बैठे हैं लडने को। सब में कुछ...