ब्लॉगसेतु

विजय राजबली माथुर
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राजीव तनेजा
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"आय हाय!....आज फिर कबाड़ उठा लाए?” बीवी D.V.D  भरे लिफ़ाफे को गुस्से से पलंग पे पटकते हुए बोली  "कुछ अक्ल-वक्ल भी है कि नहीं?...अभी पिछ्ली वाली तो देखी नहीं गयी ढंग से...ऊपर से और उठा लाए?...फ्री में बंट रही थी क्या?”... “व्वो!…दरअसल…. “हम...