ब्लॉगसेतु

Manav Mehta
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देर रात जब मोहब्बत नेदस्तक दी चौखट परमैनें अपनी रूह को जलादिल को रोशन कर दियालफ्ज़ दर लफ्ज़ चमकने लगे ज़हन मेंमैनें एक एक करकेइश्क़ के सभी हर्फ़ पढ़ डालेइश्क़ मेहरबान हुआ मुझ परदुआएं कबूल हुईं मेरीहर्फे- मोहब्बत मेंतेरा नाम लिखा पाया...!!देर रात जब मोहब्बत नेदस...
Manav Mehta
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मैंने एक गुल्लक बनाई हुई हैअक्सर तेरे लफ़्ज़ों सेभरता रहा हूँ इसको...तू जब भी मिलती थी मुझसेबात करती थीतो भर जाती थी ये...ख़ुशनुमा, रुआंसे, उदास, तीखेमोहब्बत भरे...हर तरह के लफ्ज़भरे हुए हैं इसमें...अब जबकि मैं,तुझसे बिछड़ कर तन्हा रहता हूँ __निकाल कर इन्हें खर्च...
jaikrishnarai tushar
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हिंदी कहानी के चार यार -चित्र साभार गूगल ख्यातिलब्ध उपन्यासकार ,संस्मरण लेखक ,कथाकार ,बेहतरीन सम्पादक ,यारों के यार ,हिंदी कहानी के चार यार [ज्ञानरंजन ,काशीनाथ सिंह ,दूधनाथ सिंह और स्मृतिशेष रवीन्द्र कालिया ]और भारतीय ज्ञानपीठ के निदेशक पद को सुशोभित कर चुके र...
भावना  तिवारी
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बला सा रूप तेरा, मेरी नज़रों में समाना, बिन बताए फिर तेरा मुझे  मेरे दिल में  उतरना।इन सब से तेरा  अनजान  होना ,               कमबख्त मुझे तुझ से एक तरफा प्यार का होनाचांद सा चेहरा तेरा उस पर जुल्फों...
 पोस्ट लेवल : इश्क एक तरफ़ा मोहब्बत
PRABHAT KUMAR
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मुझे मालूम है मोहब्बत में किसी की खुशामद करनाऔर, गर मकसद न हो कुछ तो इबादत करनामगर किसी की आंखों का तारा बनना नहीं मुझेमुझे आता है आसमान का सितारा बनकर रहना#प्रभातPrabhat Prabhakar
अपर्णा त्रिपाठी
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वो महीन गुलाबीइश्क के पन्नेऔर उन पर लिखीमोहब्बत की आयतेंबेशकीमती हीरे सीरखी है सहेज करयादों की रुमालीचादर की तहों मेंवो पन्ने जिनमेंअल्फाज नहीलिखे थे सिर्फपाक अहसासहर दिन पढती हूँऔर लिखती रहती हूं`कुछ न कुछतुम्हारी ही जबान मेंकितना आसान होता हैबयां करना मन में...
 पोस्ट लेवल : मोहब्बत
मुकेश कुमार
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एक घंटे तैतीस मिनटलम्बे मोबाइल कॉल के बादघूमते सांय-सांय करते पंखे के नीचेसिहरता हुआ, बंद आँखों के साथमहसूस रहा था प्रेम स्पंदित तेज धडकनों कोक्योंकिप्रेमसिक्त वो ख़ास बोलदूसरी तरफ से कहा जा चुका थाअंततः !रूम मेट ने पूछा, झिड़कते हुएक्या हुआ बे ?आखिर, अचंभित व स...
Roli Dixit
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Google Imageतुम्हारे लिए कोई कसम न होफिर भी पूरा जनम हैसात फेरे न सहीहम तेरे तो हैं,सुहाग का चूड़ा, बिछुआ, महावरआरती का थालसब कुछ सजाया हैअब मान भी जाओ हमारी मनुहारआज चंदा को अपनी नथ बनाना हैचाँदनी की पालकी मेंप्रेम डगरिया जाना है,पीपल की ओट सेस्नेह का दिया मत दिखान...
Nitu  Thakur
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मेरे लिबास से मेरी औकात का अंदाजा न लगा इस फटी कमीज़ में करोड़ों के बिल रखता हूँ उधार की ज़िंदगी और मिट्टी के तन में मोहब्बत भरा कोहिनूर सा दिल रखता हूँ लोग लगे हैं मेरी हस्ती मिटाने में मै तो बस निगाहों में मंजिल रखता हूँ सुना है टूटा हु...
शेखर सुमन
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