ब्लॉगसेतु

Ravindra Pandey
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मिसालें मिलेंगी तेरे नाम की,तू खुद को ज़रा आजमा के तो देख...चली आयेगी वो हवा की तरह,तू मौसम की तरह बुला के तो देख...भले दूर है वो खुशी की नगर,दो कदम ज़रा तू बढ़ा के तो देख...सिफर है अगर हासिल-ए-ज़िन्दगी,तू आईना ज़रा मुस्कुरा के तो देख...रख उम्मीद में तू सुबह श...
Ravindra Pandey
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बूंदे बारिश की टिप-टिप टपकने लगी,फिर उम्मीदों का मौसम जवां हो गया...हुस्न की क्या अज़ब है ये जादूगरी?आ के गालों पे मोती फ़ना हो गया...ये सुबह शबनमी गुनगुनाने लगी,ख़ौफ रातों का जाने कहाँ खो गया..?तपिश धूप की लो कहीं खो गयी,खिजां का वो मौसम धुआँ हो गया...देखो तनहाई बैरन...
विजय राजबली माथुर
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 Mausmi Chatterjee Did Rape Scene During Her Pregnancyप्रेग्नेंसी में इस एक्ट्रेस ने किया था रेप सीन, शूटिंग के दौरान रोई, उल्टियां भी कीdainikbhaskar.com | Apr 19, 2017, 14:37 ISTमुंबई. एक्ट्रेस मौसमी चटर्जी 69 साल की होने जा रही हैं। 26 अप्रैल 1948 को कोलकात...
विजय राजबली माथुर
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  हिंदुस्तान, लखनऊ, 09 मार्च 2017 , पृष्ठ --- 14 हिंदुस्तान,लखनऊ, 04-03-2017, पृष्ठ -8 हमारे देश में कुछ वैज्ञानिक, साईंसदान, एथीस्ट और यूरोप का गुणगान करने वाले वामपंथी लोग यह मानते हैं कि, 'वेद ' गड़रियों के गीत हैं और भारत विज्ञान से अछूता देश...
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रंग-गुलाल साथ में लाया।होली का मौसम अब आया।पिचकारी फिर से आई हैं,बच्चों के मन को भाई हैं,तन-मन में आनन्द समाया।होली का मौसम अब आया।।गुझिया थाली में पसरी हैं,पकवानों की महक भरी हैं, मठरी ने मन को ललचाया।होली का मौसम अब आया।।बरफी की है शान निराली,भरी हुई है पूरी...
ऋता शेखर 'मधु'
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565 जले अलाव गप शप में सिंकी यादों की लिट्टी564केंद्र अलावपरिधि पर जुटीसर्द हथेली563शीत लहरगुलबंद लपेटोआठो पहर562खुले दरीचेसरसरा के आएशीत के खत561हीरों का हारवल्लरी पर सजीओस की बूँदें560धूप से डरीकोमल शबनमफुर्र से उड़ी559धूमिल उषाकुहासों के जाल मेंफँसा है रवि558ममत...
 पोस्ट लेवल : हाइकु मौसम हाइकु
ऋता शेखर 'मधु'
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521रबी खरीफनक्षत्रों का हो ज्ञानतूर की खान520तपता मृगरोहिणी भी बरसेधान हरसे519कृष्ण दशमीआषाढ़ की रोपनीधान बाहुल्य518खेत की माटीअनगिन गोड़ाईऊख सरस517चना की खोंटमकई की निराईरंग ले आई516बीज की मात्राप्रति बीघे में गेहूँपाँच पसेरी515खेत ऊर्वरनाइट्रोजन वृद्धिदालों की खे...
Kheteswar Boravat
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sanjiv verma salil
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नवगीत*पल में बारिश,पल में गर्मीगिरगिट सम रंग बदलता हैयह मौसम हमको छलता है*खुशियों के ख्वाब दिखाता हैबहलाता है, भरमाता हैकमसिन कलियों की चाह जगासौ काँटे चुभा, खिजाता है अपना होकर भी छाती परबेरहम! दाल दल हँसता हैयह मौसम हमको छलता है*जब एक हाथ में कुछ देतादूसरे ह...
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मित्रों...!गर्मी अपने पूरे यौवन पर है।ऐसे में मेरी यह बालरचना आपको जरूर सुकून देगी!पिकनिक करने का मन आया!मोटर में सबको बैठाया!!पहुँच गये जब नदी किनारे!खरबूजे के खेत निहारे!!ककड़ी, खीरा और तरबूजे!कच्चे-पक्के थे खरबूजे!!प्राची, किट्टू और प्रांजल!करते थ...