ब्लॉगसेतु

ऋता शेखर 'मधु'
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HAPPY FATHER'S DAYफ़ादर्स डे के लिए स्पेशल पोस्टनीचे क्लिक करेंपिता बिना बचपन सूनारिमझिम फुहार ( भाग-१ ) देखने के लिए यहाँ क्लिक करें|सारे चित्र गूगल से साभारक्रमशः::::::::::::::
ऋता शेखर 'मधु'
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प्रथम गर्जनबूँदों का है नर्तनझूमा है मन|सारे चित्र गूगल से साभारक्रमशः:::::::::::::
ganga dhar sharma hindustan
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सूरज का अस्ताचल जाना, आकाश लाल कर जाता है.दिन रात के आँचल में, मुँह ढक कर के सो जाता है.अँधेरा हर ओर व्याप्त हो, अपना खेल खेलता है.काजल लुटा चुकी अबला का, सारा दर्द झेलता है.यों तो बहार का मौसम है, पर है तूफ़ान में जोश बहुत.शरबती नयन की लाज लुटा, रही तकदीर को कोस ब...
jaikrishnarai tushar
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चित्र -गूगल से साभार एक पत्ता हरा जाने किस तरह है पेड़ पर चोंच में दाना नहीं है पंख चिड़िया नोचती है |भागते खरगोश सी पीढ़ी कहाँ कुछ सोचती है |उगलती है झाग मुँह से गाय सूखी मेंड़ पर ,एक पत्ता हरा जाने -किस तरह है पेड़ पर...
 पोस्ट लेवल : एक गीत /गाँव /मौसम
संगीता पुरी
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भारत एक कृषि प्रधान देश है , अप्रैल आते ही भारतीय मौसम विभाग द्वारा की जाने वाली मौसम की भविष्‍यवाणी का हर किसी की इंतजार रहता है। हमारे देश में मानसून न सिर्फ कृषि , बल्कि वर्षभर पूरी अर्थव्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण होता है। मानसून का प्रदर्शन खराब होना आर्थिक...
jaikrishnarai tushar
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चित्र -गूगल से साभार गीत -इनसे कुछ मत कहना साथी परधानों के हिस्से आई खेतों की हरियाली |मजदूरों के हिस्से स्लम की बहती गन्दी नाली |इनसे कुछ मत कहना साथी मौसम हुए पठारी ,जंगल को झुलसा देने की है पूरी  तैयारी ,रोट...
 पोस्ट लेवल : गीत /मौसम /व्यवस्था
jaikrishnarai tushar
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चित्र -गूगल से साभार फूल देकर गया कोई चाय देने के बहाने आम के नन्हें टिकोरे हो गए कितने सयाने |झील ,पर्वत ,घाटियाँ सब हो गए इनके ठिकाने |कसमसाकर खुले जूड़े ,हरे -वन ,सिवान महके ,गांछ पर सोये पलाशों के हृदय प्रेमाग्नि दहके ,फू...
 पोस्ट लेवल : एक गीत /प्रेम /मौसम
संगीता पुरी
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रूमानित भरा मौसम होता है वसंत कावसंत के मौसम में रूमानियत तो होती ही है ,भारतीय संस्‍कृति मे भी इस महीने प्‍यार के अनेक रंग बिखेरता होली का त्‍यौहार मनाए जाने की परंपरा रही है। इसलिए इस महीने  प्रेम की महिमा से इंकार नहीं किया जा सकता है , यह अलग बात है कि पहल...
Chaitanyaa Sharma
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विंटर वेकेशन ख़त्म, स्कूल और ब्लॉग्गिंग फिर शुरू ।  अबकी बार  अपने देश का यह ट्रिप बहुत अच्छा और मजेदार रहा । मैंने अपनी छुट्टियाँ जयपुर और मुंबई में बिताईं । वैसे इतना  समय घूमने -फिरने, मस्ती करने में बिताने के बाद अब  स्कूल जाने में&nbsp...
संगीता पुरी
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कभी अतिवृष्टि तो कभी अनावृष्टि को झेलना भारतवर्ष की मजबूरी रही है। इसी वर्ष जुलाई से सितंबर तक होनेवाले लगातार बारिश से देश के विभिन्‍न भागों में लोग परेशान रहें। जहां गांव के कृषकों को खेत की अधिकांश फसलों का नुकसान झेलना पडा , वहीं शहरों के लोगों का भी जनजीवन बार...