ब्लॉगसेतु

Ajay Singh
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॥ नृसिंह द्वात्रिंशद्वर्णात्मको मन्त्रः ॥ मन्त्रः- “ॐ उग्रंवीरं महाविष्णुं ज्वलंतं सर्वतोमुखम् । नृसिंहं भीषणं भद्रं मृत्युमृत्यं नमाम्यहम् ॥” मृत्युमृत्यु का अर्थ है मृत्यु की मृत्यु करने वाले आप काल के भी काल हैं अर्थात् कालमृत्यु आपके वश में हैं, मन्...
Ajay Singh
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भगवान् नृसिंह मन्त्र प्रयोगः ॥ षडक्षर नृसिंह मन्त्र ॥ मन्त्रः- “आं ह्रीं क्ष्रों क्रौं हुं फट् ।” विनियोगः- अस्य मन्त्रस्य ब्रह्मा ऋषिः, पंक्ति छन्दः, नरसिंहो देवता सर्वेष्ट सिद्धये जपे विनियोग । मेरुतन्त्र में मन्त्रः- “आं ह्रीं ज्रों क्रों ह्रां...
Ajay Singh
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भगवान् नृसिंह के चमत्कारी  मन्त्र भगवान् विष्णु के अवतारों में भगवान् नृसिंह की उपासना भीषण संकट के निवारण, शत्रु विनाश और आत्मरक्षा, कार्यों में सफलता, लक्ष्मी प्राप्ति आदि के उद्देश्य से की जाती है । शास्त्रों में भगवान् नृसिंह के अनेक मन्त्र दिए गए हैं । उनमें स...
मुकेश कुमार
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सुनो !आज एकदम से मेरे पर्स से खनक करवो ख़ास "श्री यन्त्र" सा सिक्का गिराऔर, गिरते ही छमक कर तेरी यादें भी कुलांचे मारने लगी !हाँ, बता दूं पहले ही संजो रखा हैअब तकउस ख़ास "दस पैसे के सिक्के को "याद है न वो मेरी करतूत !जिस पर तुम खिलखिलाते हुई कही थीबेवकूफ, उल्लू - क्य...
Ajay Singh
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।। श्री क्रम के कुलगुरु ।। श्रीकुल साधकों के कुल गुरु इस प्रकार है- दिव्यौघगुरु – १. परप्रकाशानंदनाथ २. परशिवानंदनाथ ३. पराशक्त्यम्ब ४. कौलेश्वरानंदनाथ ५. शुक्लदेव्यम्ब ६. कुलेश्वरानंदनाथ ७. कामेश्वर्यम्बा । सिद्धौघ गुरु – भोगानंदनाथ । क्लिन्नानंदनाथ ।...
Ajay Singh
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वशीकरण यन्त्र विधिः- निम्न ‘यन्त्र’ को शुक्रवार के दिन शुक्र की होरा में, लाल चन्दन द्वारा अनार की लेखनी से १०८ की संख्या में लिखे । तत्पश्चात् गन्ध-अक्षतादि द्वारा पूजा कर इन्हें नदी में बहा दें । अगले दिन शनिवार को, शुक्र की होरा में, इस ‘यन्त्...
Ajay Singh
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।। श्रीनाथादि गुरुत्रयं मण्डल पूजन प्रयोगः ।। श्रीनाथादिगुरुत्रयं गणपतिं पीठत्रयं भैरवं, सिद्धौघं वटुकत्रयं पदयुगं दूतीक्रमं मण्डलम् । वीरानष्टचतुकषष्टिनवकं वीरावलीपञ्चकं, श्रीमन्मालिनि मन्त्रराजसहितं वन्दे गुरोर्मण्डलम् ।। (उपर्युक्त ‘ श्रीनाथादिगुरुत्रय०...
Ajay Singh
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।। श्रीगुरु स्तोत्रम् ।। ।। ॐ नम: श्रीनाथाय ।। ।। श्रीमहादेव्युवाच ।। गुरोरर्मन्त्रस्य देवस्य धर्मस्य तस्य एव वा । विशेषस्तु महादेव ! तत् वदस्व दयानिधे ।। ।। श्रीमहादेव उवाच ।। जीवात्मनं परमात्मनं दानं ध्यानं योगो ज्ञानम् । उत्कलकाशीगङ्गामरणं न गुरोरधिकं न गुरोरधि...
Ajay Singh
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पञ्च-दशी यन्त्र से भगवती लक्ष्मी की कृपा-प्राप्ति “दीपावली” की सन्ध्या में सूर्यास्त के बाद उक्त यन्त्र लिखना प्रारम्भ करे। अगले दिन सूर्योदय तक यन्त्र लिखता रहे। सूर्योदय के समय अन्तिम यन्त्र एक बड़े कागज के ऊपर लिखकर ‘पूजा-स्थान में रखे। उसे धू...
 पोस्ट लेवल : यन्त्र
Ajay Singh
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सर्वदुःख निवारण यंत्र-मंत्र किसी शुभ रविवार के दिन भोजपत्र अथवा शुद्ध सादा कागज पर हल्दी के रस (घोल) की स्याही से अनार की कलम से इस यंत्र को तैयार कर पूजा-अर्चना करें। यंत्र के पीछे (दूसरी ओर) अपनी समस्या लिखें। यंत्र लिखित भोजपत्र को शुद्ध रुई में रखकर उसको बत्ती...
 पोस्ट लेवल : यन्त्र