ब्लॉगसेतु

kumarendra singh sengar
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‘हतो वा प्राप्स्यसि स्वर्गं जित्वा वा भोक्ष्यसे महीम्‌’ अर्थात या तो तू युद्ध में बलिदान देकर स्वर्ग को प्राप्त करेगा अथवा विजयश्री प्राप्त कर पृथ्वी का राज्य भोगेगा. गीता के इस श्लोक से प्रेरित होकरदेश के शूरवीरों ने कारगिल युद्ध में दुश्मन को खदेड़ कर सीमापार कर द...
शिवम् मिश्रा
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14 दिसम्बर 1971 को श्रीनगर एयरफील्ड पर पाकिस्तान के छह सैबर जेट विमानों ने हमला किया था। सुरक्षा टुकड़ी की कमान संभालते हुए फ़्लाइंग ऑफ़िसर निर्मलजीत सिंह वहाँ पर 18 नेट स्क्वाड्रन के साथ तैनात थे। दुश्मन F-86 सेबर जेट वेमानों के साथ आया था। उस समय निर्मलजीत के...
शिवम् मिश्रा
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ब्रिगेडियर मोहम्मद उस्मान (जन्म:15 जुलाई 1912 आज़मगढ़ – मृत्यु: 3 जुलाई 1948) भारतीय सेना के एक उच्च अधिकारी थे जो भारत और पाकिस्तान के प्रथम युद्ध (1947-48) में शहीद हो गये। उस्मान 'नौशेरा के शेर के' रूप में ज्यादा जाने जाते हैं। वह भारतीय सेना के सर्वाधिक प्...
रणधीर सुमन
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भारत की जनता पर ईस्ट इंडिया कंपनी से लेकर इंग्लैंड सरकार ने जो अत्याचार किये थे. वह मानवजाति के लिए कलंक है और उसमें नर पिशाचों की आश्चर्यजनक भूमिका दिखाई देती है. दुनिया में अपने को उच्च समझने वाले यूरोपीय लोगों ने मानव जाति के ऊपर कैसे-कैसे अत्याचार किये. &n...
शिवम् मिश्रा
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अमर शहीद कैप्टन विक्रम 'शेरशाह' बत्राआज ७ जुलाई है ... आज ही के दिन सन १९९९ की कारगिल की जंग मे कैप्टन विक्रम बत्रा जी की शहादत हुई थी ! पालमपुर निवासी जी.एल. बत्रा और कमलकांता बत्रा के घर 9 सितंबर, 1974 को दो बेटियों के बाद दो जुड़वां बच्चों का जन्म हुआ। माता क...
शिवम् मिश्रा
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आज ३ जुलाई है ... आज का दिन समर्पित है ... भारतीय सेना के दो महानायकों को ... यह दोनों महानायक आज भी हर सैनिक के लिए प्रेरणा बने हुये है | आज इन दोनों की ही पुण्यतिथि है |पहले महानायक हैं ... अमर शहीद ब्रिगेडियर मोहम्मद उस्मान,महावीर चक्र विजेता (मरणोपरांत) ब्रिग...
शिवम् मिश्रा
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 मनोज कुमार पांडेय (25 जून 1975, सीतापुर, उत्तर प्रदेश -- 3 जुलाई 1999, कश्मीर), भारतीय सेना के अधिकारी थे जिन्हें सन १९९९ मे मरणोपरांत परमवीर चक्र से सम्मानित किया गया।प्रारंभिक जीवन एवं शिक्षापांडेय का जन्म 25 जून 1975 को उत्तर प्रदेश के सीतापुर ज़िले के रु...
सुशील बाकलीवाल
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          एक गधे ने एक शेर को चुनौती दे दी कि मुझसे लड़ कर दिखा तो जंगल वाले तुझे राजा मान लेंगे |  लेकिन शेर गधे की बात को अनसुना कर चुपचाप वहाँ से निकल गया |          ए...
Ratan Singh Shekhawat
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अपनी मातृभूमि शेखावाटी-प्रदेश की स्वतंत्रता की रक्षार्थ 6 जून, 1775 ई. को रेवाड़ी के पास माण्डण नामक स्थान पर शेखावतों तथा शाही सेनाधिकारी के बीच एक भयंकर युद्ध हुआ था। जिसमें आक्रान्ता शाही सेनाधिकारी राव मित्रसेन अहीर को पराजित हो युद्धस्थल से भागना पड़ा था और शेख...
Ratan Singh Shekhawat
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Battle of karhiya (Near Narwar) fought was between the Jat ruler of Bharatpur Raja Jawahar Singh and the Rajput ruler Rao Kesari Singh Panwar of Karhiyaभरतपुर के जाट राजा जवाहरसिंह एक समय बहुत शक्तिशाली थे| अपनी बढ़ी शक्ति के बल पर जवाहरसिंह ने आस-पास के राज्यों सहि...