ब्लॉगसेतु

Ashok Kumar
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असुविधा हमेशा से युवा साथियों का मंच रहा है. हमारी कोशिश रही है कि एकदम ताज़ा स्वरों को यहाँ प्रस्तुत किया जाए. अहमद फ़हीम की कविताएँ मुझे कुछेक दिन पहले मेल पर मिलीं. ये एकदम से चौंकाने वाली कविताएँ नहीं हैं, बल्कि उन कविताओं में से हैं जो धीरे-धीरे असर कर...
 पोस्ट लेवल : युवा कविता अहमद फ़हीम
Ashok Kumar
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जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय से मीडिया स्टडीज़ में पीएचडी कर रहे अक्षत उन अर्थों में तो कवि एकदम नहीं हैं, जिन्हें सोशल मीडिया विस्फोट ने परिभाषित किया है. मसलन आप उनकी फेसबुक टाइमलाइन पर अक्सर कविता नहीं पाएँगे, साहित्य भी नहीं के बराबर. लेकिन अपने एक्टिविस्ट जीवन...
 पोस्ट लेवल : अक्षत सेठ युवा कविता
Ashok Kumar
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महाभूत चन्दन राय हिंदी के एकदम युवतर कवियों में से हैं. अभी उनकी कविताएँ मैंने इंटरनेट पर ही पढ़ी हैं. जिस तरह उन्होंने लगातार लम्बी कविताएँ लिखी हैं और आश्चर्यजनक रूप से अपने आरम्भिक दौर में ही लम्बी कविता में बिखराव के ख़तरे से पूरी जिम्मेदारी से जूझते हुए कविता...
Ashok Kumar
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रितेश मिश्र की कविता से मेरा पहला परिचय हुआ था माँ पर लिखी उनकी एक कविता से. तब चौंका था. हिंदी में और दूसरी भाषाओं से भी जो माँ पर जो कविताएँ पढ़ी थीं उनमें एक अजीब सी भावुकता और अपराधबोध अक्सर ही पाया था. रितेश की उस कविता में यह दोनों ही तत्व सिरे से ग़ायब...
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 मृत्युंजय हमारी पीढ़ी के एक अलहदा प्रकृति के कवि हैं. अलहदा शिल्प में भी और अपनी प्रतिबद्धता में भी. जिन दिनों लोक वगैरह को लेकर अक्सर अर्थहीन बहसें हवा में हैं मृत्युंजय लगभग अकेले लोक लय को साधने की अपनी दुष्कर कोशिश के साथ हमारे बीच उपस्थित हैं, वह भी किसी...
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मयंक सक्सेना एक्टिविस्ट हैं. एक्टिविस्ट कवि कहें या बेहतर होगा कि एक्टिविस्ट पत्रकार. यह पत्रकारिता उनके जीवन का एक अभिन्न हिस्सा है. इतनी कि कविता लिखते समय भी वह उन विवरणों का मोह नहीं छोड़ पाते. इसीलिए अक्सर बहुत ज़्यादा डिटेल्स में चले जाते हैं. इनमें जो चीज़ आ...