ब्लॉगसेतु

अमितेश कुमार
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मानवेंद्र त्रिपाठी राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय के स्नातक हैं और इन दिनों मुंबई में रहकर सिनेमा, टेलीविजन और रंगकर्म में सक्रिय हैं. प्रवीण कुमार गुंजन निर्देशित 'समझौता' में अपने अभिनय से मानवेन्द्र ने रंग जगत में अपनी धाक जमाई थी. वरिष्ठ साहित्यकार हृषिकेश...
अमितेश कुमार
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विजय कुमार को टेलीविजन और सिनेमा में अलग अलग तरह की भूमिकाओं में देखा और सराहा गया है लेकिन उनकी वास्तविक भूमि रंगमंच है जहाँ वो अभिनेता, निर्देशक और प्रशिक्षक की भूमिका में सक्रिय है. 'हम बिहार में चुनाव लड़ रहे हैं'  इस  प्रस्तुति को देखना एक अनुभव है....
अमितेश कुमार
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संजय उपाध्याय का यह लेख रंग प्रसंग के ५२वें अंक में प्रकाशित है, जिसका संपादन वरिष्ठ रंग निर्देशक देवेन्द्र राज अंकुर ने किया है. रंग प्रशिक्षण  पर केंद्रित रंग प्रसंग के दो महत्वपूर्ण अंक प्रकाशित हुए हैं. रंगविमर्श की कोशिश रहेगी कि कुछ सामग्रियां इंटर...
Yashoda Agrawal
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लगी है चोट जो दिल पर बता नहीं सकतेये वो कसक है जो कहकर सुना नहीं सकतेतुम्हारे प्यार को भूलें तो भूल जायें हमतुम्हारी याद को दिल से भुला नहीं सकतेउन्होंने दम में किया ख़त्म ज़िन्दगी का सफ़रजो कह रहे थे कि दो पग भी जा नहीं सकतेतुम्हारे रूप को आँखों में भर लिया हमनेकि...
Akhilesh Karn
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फिल्म : झूलनी के रंग सांचागायक : मनोज तिवारी मृदुल (adsbygoogle = window.adsbygoogle || []).push({}); अरे झूलनी के रंग सांचा हमार पियाझूलनी के रंग सांचा हमार पियाझूलनी के रंग सांचा हमार पियाझूलनी में गोरी लागा हमार  जियाओही झूलनी गोरी लागा हमार जियाझूलनी...
Yashoda Agrawal
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हल्की बर्फ़ मेंएक हाथ थामे रखता हैघुमावदार पगडंडियों परदिल फिसले तो फिसलेतुम न फिसलो !****************उसके होंठ चुनते हैंमेरे होंठों सेबर्फ़ के ताज़ा फ़ाहेबर्फ़ गर्म और मीठीमैंने पहली बार चखी.-पूजा प्रियंवदा
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--राजनीति के जाल में, फँसे राम-रहमान।मन्दिर-मस्जिद का नहीं, पथ लगता आसान।।--न्यायालय के न्याय पर, क्यों उठ रहे सवाल।अरजी पुनर्विचार की, है अब नया बवाल।।--हिन्दू-मुस्लिम ने किया, निर्णय था स्वीकार।लेकिन कुछ शातिर अभी, झगड़े को तैयार।।--साफ विरासत का...
 पोस्ट लेवल : दोहे फूटनीति का रंग
अमितेश कुमार
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भारत रंग महोत्सव 2020 अर्थात भारंगम 2020 में होने वाले चयनित नाटकों की सूची आ गई है। जब भी कोई सूची आती है तो उससे असन्तोष भी होता है कोई भी सूची सबको सन्तुष्ट नहीं कर सकती। लेकिन जब से सूची आई है तब से निरन्तर विवाद हो रहा है खासकर हिंदी रंगमंच में। सवाल...
 पोस्ट लेवल : भारंगम रानावि NSD BRM
ANITA LAGURI (ANU)
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तापस       मेरी डायरीयों के पन्नों में,       रिक्तत्ता शेष नहीं अब,       हर शुं तेरी बातों का         सहरा है..!   &...
Asha News
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झाबुआ। शहर के राधाकृष्ण मार्ग में रहने वाले युवा पुनित संजय सकलेचा ने दीपावली पर्व पर अपने घर के आंगन में ‘झाबुआ का राजवाड़ा महल’ की रंगोली बनाकर उसमें राजा-महाराजाओं के समय से चली आ रहीं भगोरिया परंपरा को भी प्रतिपादित किया।  पुनित सकलेचा ने बताया कि वे पिछले...