ब्लॉगसेतु

Ravindra Prabhat
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प्रमुख भारतीय संस्था परिकल्पना के तत्वावधान में विगत 5 जनवरी से 12 जनवरी 2020 तक संयुक्त अरब अमीरात के दो प्रमुख शहर क्रमश: शारजाह, दुबई, भारतीय शहर कोच्चि होते हुये मालदीव की राजधानी माले तक आयोजित अंतरराष्ट्रीय हिन्दी उत्सव यात्रा में लखनऊ के वरिष्ठ साहित्यकार और...
Ravindra Prabhat
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लखनऊ (25 अगस्त) :  हिन्दी भाषा की विविधता, सौन्दर्य, डिजिटल और अंतराष्ट्रीय स्वरुप को विगत 14 वर्षों से वैश्विक मंच पर प्रतिष्ठापित करती आ रही लखनऊ की संस्था परिकल्पना के 13वीं वार्षिक महासभा में बतौर मुख्य अतिथि पहुंचे लखनऊ परिक्षेत्र के निदेशक डाक सेवाएँ श्र...
Ravindra Prabhat
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लखनऊ (25 अगस्त) :  हिन्दी भाषा की विविधता, सौन्दर्य, डिजिटल और अंतराष्ट्रीय स्वरुप को विगत 14 वर्षों से वैश्विक मंच पर प्रतिष्ठापित करती आ रही लखनऊ की संस्था परिकल्पना के 13वीं वार्षिक महासभा में बतौर मुख्य अतिथि पहुंचे लखनऊ परिक्षेत्र के निदेशक डाक सेवाएँ श्र...
Bharat Tiwari
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तस्वीरें बोलती हैं (adsbygoogle = window.adsbygoogle || []).push({}); (adsbygoogle = window.adsbygoogle || []).push({}); इन्दिरा गाँधी राष्ट्रीय कला केन्द्र के सदस्य सचिव डॉ. सच्चिदानंद जोशी, अध्यक्ष  रामबहादुर राय और भारतीय जनसंचार संस्थान के महानि...
Bharat Tiwari
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क से भय'क से भय' नाटक 26 मई को जवाहरलाल नेहरु यूनिवर्सिटी के कन्वेंशन सेंटर में मैत्रैयी कॉलेज की थियेटर सोसायटी ‘अभिव्यक्ति’ की छात्राओं द्वारा खेला गया... उस पर मनदीप पूनिया की रपट(adsbygoogle = window.adsbygoogle || []).push({}); हिंदी में अभी अच्छे नाटक नहीं ल...
Bharat Tiwari
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अमिताभ राय को उनकी आलोचना पुस्तक ‘सभ्यता की यात्रा : अंधेरे में’ के लिए तेईसवां देवीशंकर अवस्थी सम्मान-2017 — पुखराज जाँगिड़युवा आलोचक अमिताभ राय को उनकी आलोचना पुस्तक ‘सभ्यता की यात्रा : अंधेरे में’ के लिए तेईसवें देवीशंकर अवस्थी सम्मान-2017 से सम्मानित किया...
Ravindra Prabhat
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विश्व हिन्दी दिवस 10 जनवरी 2018 को इंडोनेशिया की सांस्कृतिक राजधानी बाली में अंतरराष्ट्रीय हिन्दी उत्सव का आगाज हुआ, जिसका समापन समारोह 14 जनवरी 2018 को इंडोनेशिया की राजधानी जकार्ता में सम्पन्न हुआ। इस अवसर पर लोकार्पित हुयी 18 हिन्दी पुस्तकों में से लखनऊ की डॉ॰ म...
kumarendra singh sengar
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विचार व्यक्त करती रेखा श्रीवास्तव“हिन्दी को किसी के साथ प्रतिस्पर्धा करने की आवश्यकता ही नहीं है. हिन्दी अपने आपमें इतनी सशक्त है कि हमारे देश की अन्य भाषाएँ उसके साथ समन्वय बनाकर ही चलती हैं. सभी भाषाओं का आपसी समन्वयवादी दृष्टिकोण ही भाषाओं के विकास में प्रमुख है...
 पोस्ट लेवल : रपट हिन्दी दिवस
अरविन्दनाभ शुक्ल
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स्पष्टीकरणआप आगे की बात पढ़ना शुरू करें इससे पहले एक-दो बात साफ़ कर दी जाएँ तो अच्छा होगा| वैसे भी आजकल मानहानि के केस मिनटों में दर्ज हो जाते हैं| मान हो या न हो, बहरहाल हानि का खतरा सूंघते ही लोगों की पुलीस थानों की तरफ दौड़ने की कवायद शुरू होने में देर नहीं लगती| ब...
Kavita Rawat
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