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Tejas Poonia
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प्रगतिशील चेतना के कवि रमाशंकर यादव विद्रोही की कविताओं में जनचेतनापरिवर्तन : साहित्य, संस्कृति और सिनेमा की वैचारिकीISSN 2455-5169वर्ष 1 अंक 3 जुलाई-सितम्बर 2016तेजस पुनियास्नातकोत्तर हिंदी विभागराजस्थान केंद्रीय विश्विद्यालयबांदरसिंदरी, अजमेरकविता और वास्तविक जीव...
kuldeep thakur
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कुछ औरतों नेअपनी इच्छा सेकुएं में कूदकर जान दी थी,ऐसा पुलिस के रिकार्डों में दर्ज है।और कुछ औरतें चिता में जलकर मरी थीं,ऐसा धर्म की किताबों में लिखा है।मैं कवि हूं,कर्ता हूं,क्या जल्दी है,मैं एक दिन पुलिस और पुरोहित,दोनों को एक ही साथऔरतों की अदालत में तलब करूंगा,औ...