प्यार के, इकरार के अंदाज सारे खो गएवो इशारे, रंग सारे, गीत प्यारे खो गए।ज़िन्दगी से, हर खुशी से, रोशनी से, दूर हमइस सफर में, अब भँवर में, सब किनारे खो गए।आप आए, मुस्कराए, खिलखिलाए, क्यों नहीं?नित मिलन के, अब नयन के चाँद-तारे खो गए।ज़िन्दगी-भर एक जलधर-सी इधर रहती खुशी...
 पोस्ट लेवल : रमेशराज तेवरीकार