ब्लॉगसेतु

अनंत विजय
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कोरोना के संकट के दौरान पुस्तकें पढ़कर समय बिताना एक बेहतर विकल्प है। बाजार आदि भले ही खुल गए हैं लेकिन बहुत आवश्यक होने पर ही वहां जाना होता है। लोगों से मिलने-जुलने वाली संस्कृति पर भी फिलहाल विराम लगा हुआ है। पिछले करीब अस्सी दिन में कई किताबें पढ़ने का सुयोग बन...
Bharat Tiwari
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रघुवीर सहाय की ये 5 बेहतरीन अंतिम कविताएँउनके मरणोपरांत प्रकाशित अंतिम कविता संग्रह 'एक समय था' से हैं.संग्रह के संपादक सुरेश शर्मा लिखते हैं: "इसमें अधिकांश कविताएँ उनके जीवन के आख़िरी चार-पाँच वर्षों की हैं जो कि ज्यादातर अप्रकाशित हैं। सहायजी के निधन के बाद...
Bharat Tiwari
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Love Poems in Hindiहम जानते हैं, जिसका अतीत नहीं होता, उसका भविष्य भी नहीं होता। जो केवल वर्तमान में रहता है, वह किसी प्रकार का रचनात्मक कर्म नहीं संवार सकता। इसलिए सुमन की कविताएं अतीत विरह की नहीं, अतीत अहसास की कविताएं हैं। — मृदुला गर्ग (adsbygoogle =...
Bharat Tiwari
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वंदना राग - नावेल: बिसात पर जुगनू - अंशलोग परगासो के पैरों में छिपकर अक्षत-चावल यूँ ही सरका देते थे कि अब करिश्मा हो ही जाए। उनके नज़रों के सामने से हटने के बाद परगासो अपने पैरों की ठोकर से सब बिखेर देती थी। ‘हट्ट इससे कोई करिश्मा होगा? करिश्मा तो गैंती को तलवार की...
Bharat Tiwari
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अरुंधति रॉय इन हिंदी — स्वतंत्र किन्तु जाति व्यवस्था में आकंठ डूबा भारत राष्ट्र — एक था डॉक्टर एक था संतकि क्याक्या गाँधी नही थे और क्याक्या आंबेडकर थेअरुंधति राय की किताब उनकी भाषा सब उनके निर्भीक तेवर के होते हैं। कुछ समय पहले अंग्रेजी में प्रकाशित उनकी किताब 'द...
अनंत विजय
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पिछले दिनों एक छोटे से साहित्यिक जमावड़े में बात ‘नई वाली हिंदी’ से शुरू हुई, जिसमें उन कृतियों पर लंबी बात हुई, फिर अन्य प्रकाशनों से प्रकाशित होनेवाले छोटे-छोटे उपन्यासों पर चर्चा चल निकली। वहां से होते होते साहित्य के तथाकथित मुख्यधारा के लेखन पर बात होने लगी। स...
Bharat Tiwari
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Photo (c) Krishna Sobtiकृष्णा सोबतीजी की "मार्फ़त दिल्ली" पढ़ रहा हूँ. मैं, साहित्य आदतन तोड़ा धीरे-धीरे ही पढ़ता हूँ. और तब तो ठहर-ही जाता हूँ जब कुछ पढ़े जा रहे से कोई विचलन पैदा हो जाती है. कल रात 'पितृ हत्या' पढ़ते हुए ऐसा ही हुआ. रुक गया  अब कृष्णाजी से बात हो...
विवेक अग्रवाल
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“बॉंबे बार – चिटके तो फटके” का विमोचन 13 जनवरी 2018 को विश्व पुस्तक मेला, दिल्ली में संसदीय राजभाषा समिती के उपाध्यक्ष व राज्यसभा सांसद, उज्जैन श्री सत्यनारायण जटिया ने किया। इस मौके पर कई वरिष्ठ पत्रकारों व लेखकों ने भी शिरकत की। मुंबई की बारबालाओं के स्याह और सफे...
विवेक अग्रवाल
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“बॉंबे बार – चिटके तो फटके” का विमोचन 13 जनवरी 2018 को विश्व पुस्तक मेला, दिल्ली में संसदीय राजभाषा समिती के उपाध्यक्ष व राज्यसभा सांसद, उज्जैन श्री सत्यनारायण जटिया ने किया। इस मौके पर कई वरिष्ठ पत्रकारों व लेखकों ने भी शिरकत की। मुंबई की बारबालाओं के स्याह और सफे...
Bharat Tiwari
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Photographs and Report68th Rajkamal Prakashan Foundation Day28 फरवरी को कांस्टीट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया में राजकमल प्रकाशन ने अपना 68वां स्थापना दिवस मनाया. कार्यक्रम में इतिहासकार सुधीर चंद्र द्वारा  'गाँधी: राजनीति और नैतिकता' पर व्याख्यान हुआ'। 1947 में स...