ब्लॉगसेतु

यूसुफ  किरमानी
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तबलीगी जमात की आड़ में मुसलमानों को विलेन बनाने की खबरों में अब धीरे-धीरे कमी आ रही है। ...लेकिन आप जानना नहीं चाहते कि अचानक यह कमी कैसे आ गई। दरअसल, #अयोध्या में हिंदू श्रद्धालुओं का मंदिरों में बड़ी तादाद में पहुंचना और उस वीडियो का वायरल होना। एक और वीडियो वायर...
यूसुफ  किरमानी
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तेलंगाना का एक मशहूर मंदिर है, नाम है भद्राचलम मंदिर। यहां हर #रामनवमी वाले दिन यानी आज के दिन सीता-राम कल्याण समारोह होता है। वह कार्यक्रम आज भी हुआ। इसमें #कोरोना को दूर भगाने के लिए भगवान से प्रार्थना की गई।...जानते हैं इस मंदिर में इस बहुत बड़ी पूजा के दौरान #त...
यूसुफ  किरमानी
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साम्प्रदायिक वायरस (Communal Virus) किसी भी कोरोना वायरस से ज्यादा ख़तरनाक है। कोरोना खत्म हो जाएगा लेकिन साम्प्रदायिक वायरस कभी खत्म नहीं होगा।सरकारी पार्कों में #नागपुरी_शाखाएँ_बंद हैं लेकिन उनके कीटाणु तमाम मीडिया आउटलेट्स में प्रवेश कर चुके हैं और उनके ज़रिए #स...
सतीश सक्सेना
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जयकार में उठी कलम,क्या ख़ाक लिखेगीअभिव्यक्ति को वतन में,खतरनाक लिखेगी !अवसाद में निराश कलम , ज्ञान लिखेगी ?मुंह खोल जो कह न सके,चर्वाक लिखेगी ?जिसने किया बरवाद , वे बाहर के नहीं थे !तकलीफ ए क़ौम को भी इत्तिफ़ाक़ लिखेगी !किसने दिया था दर्द, वह बतला न सकेगी !कुछ चाहतें द...
यूसुफ  किरमानी
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#लॉकडाउन पर मोदी सरकार की नीति और नीयत पर कुछ खुलासा...#प्रधानमंत्री ने 26 मार्च को देश के सभी प्राइवेट #एफएम_रेडियो के जॉकी (आरजे) से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग करने की इच्छा जताई। प्रसार भारती ने सभी मीडिया हाउसों को संदेश भेजा। 27 मार्च यानी शुक्रवार सुबह प्रधानमंत्री...
दयानन्द पाण्डेय
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 पोस्ट लेवल : राजनीति
यूसुफ  किरमानी
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ताली और थाली के निहितार्थ समझिए...प्रधानमंत्री मोदी जी ने आपसे आज (22 मार्च शाम 5 बजे) जनता कर्फ्यू के दौरान ताली और थाली यूं ही नहीं बजवा दिया।...संघ पोषित विचारों की आड़ लेकर सरकार द्वारा प्रायोजित इतना बड़ा जन एकजुटता का प्रदर्शन कभी नहीं हुआ था। जिन लोगों ने इ...
kumarendra singh sengar
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राजनीति करना, राजनीति में बिना किसी पद के बने रहना, राजनीति में चुनाव लड़ना, चुनाव लड़ने में उसका प्रबंधन करना आदि बहुत अलग-अलग प्रकृति की चीजें हैं. आज सांसद, विधायक निधि देख कर और किसी पद की आशा में राजनीति की तरफ भागे आ रहे लोगों को मालूम ही नहीं कि राजनीति महज सफ़...
यूसुफ  किरमानी
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दिल्ली में शाहीनबाग के शांतिपूर्ण  संघर्ष को तीन महीने पूरे हुए...सीएए, एनपीआर, एनआरसी पर सूरते हाल क्या होगी, नहीं मालूम, लेकिन हमें इस बात का सुकून रहेगा कि हमने अपना ज़मीर मरने नहीं दिया...हमने इस संघर्ष में ऐसे बच्चों को तैयार कर दिया है जो आने वाली नस्लों...
दिनेशराय द्विवेदी
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मान मेराज के घराने का नित्य का आहार था, जिसे वह मंडी में एक खास दुकान से लाता था। कभी वह मंडी की सब से बड़ी दुकान हुआ करती थी। उसका बाप भी उसी दुकान से लाता था। ऐसा नहीं कि मान केवल उसी दुकान पर मिलता हो। मंडी में और भी दुकानें थीं। उसकी बुआएँ दूसरी जगह से मान लेती...