(1)लिछमी बाईसा री न्यारी नगरी है झाँसी,गद्दाराँ रै गलै री बणी थी जकी फाँसी।राणी सा रा ठाठ बाठ,गाताँ थकै नहीं भाट।सुण सुण फिरंग्याँ के चाल जाती खाँसी।।****(2)बाकी सब गढणियाँ गढ तो चित्तौडगढ़,उपज्या था वीर अठै एक से ही एक बढ।कुंभा री हो ललकार,साँगा री या तलवार,देशवासी...