ब्लॉगसेतु

Yashoda Agrawal
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सलवटें चेहरे पे बढती ,मन मेरा सिकुड़ा रही हैवृद्ध होती माँ अब मन से बचपने में जा रही हैं।देर रातों जागकर जो घर-बार सब सँवारती थी,*बीणा*आते जाग जाती , नींद को दुत्कारती थी ।शिथिल तन बिसरा सा मन है,नींद उनको भा रही है,वृद्ध होती माँ अब मन से बचपने में जा रही हैंं ।हौस...
 पोस्ट लेवल : सुधा देवरानी
Yashoda Agrawal
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नीतू भतीजी , डॉ. बिटिया महक , प्रीती दक्ष , स्वाति , मोनिका संगबहुत सी बिटिया रब ने दिलाईकोखजाई एक भी नहींना इनमें से किसी से मेरा गर्भनाल रिश्ता हैलेकिन जो रिश्ता हैउसके लिए गर्भ काहोना न होना मायने नहीं रखता हैहम एक दूसरे के आंसू शायद ना...
शिवम् मिश्रा
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रानी लक्ष्मीबाई (जन्म- 19 नवंबर, 1835; मृत्यु- 18 जून, 1858) मराठा शासित झाँसी राज्य की रानी और 1857 के प्रथम भारतीय स्वतंत्रता संग्राम की वीरांगना थीं। बलिदानों की धरती भारत में ऐसे-ऐसे वीरों ने जन्म लिया है, जिन्होंने अपने रक्त से देश प्रेम की अमिट गाथाएं...
kumarendra singh sengar
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आज, 18 जून को रानी लक्ष्मी बाईकी पुण्यतिथि है. उनका जन्म वाराणसी में 19 नवम्बर 1828 को हुआ था. उनका बचपन का नाम मणिकर्णिका था लेकिन प्यार से उन्हें मनु पुकारा जाता था. झाँसी के राजा गंगाधर राव से उनका विवाह हुआ. सन 1851 में उनको पुत्र रत्न की प्राप्ति हुई लेकिन चार...
शिवम् मिश्रा
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नमस्कार साथियो, आज, 18 जून को रानी लक्ष्मी बाई की पुण्यतिथि है. उनका जन्म वाराणसी में 19 नवम्बर 1828 को हुआ था. उनका बचपन का नाम मणिकर्णिका था लेकिन प्यार से उन्हें मनु पुकारा जाता था. झाँसी के राजा गंगाधर राव से उनका विवाह हुआ. सन 1851 में उनको पुत्र रत्न की प्राप...
डा. सुशील कुमार जोशी
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बहुत कुछ है लिखने के लिये बिखरा हुआ समेटना ठीक नहीं इस समयरहने देते हैंहोना कुछ नहीं है हिसाब का बेतरतीब ला कर और बिखेर देते हैं बहे तो बहने देते हैंदीमकें जमा होने लगी हैं फिर सेनये जोश नयी...
अनंत विजय
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ठीक से याद नहीं, पर घटना 21 या 22 मार्च 1977 की रात की है। उस रात हम अपने ननिहाल, बिहार के एक कस्बाई शहर जमालपुर के पास के गांव वलिपुर, में थे। देश से इमरजेंसी हटाई जा चुकी थी और चुनाव हो चुके थे। सबको चुनाव के नतीजों की प्रतीक्षा थी। चुनाव और उसके बाद के नतीजों को...
sanjeev kumar mishra mishra
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फ्लैश बैक---सन 2014..समय- लोकसभा चुनाव।चुनावी समर में सभी पार्टियों बड़े जोश-ओ-खरोश से लड़ रही थी। अमेठी के दंगल में राहुल गांधी के सामने स्मृति ईरानी थी। प्रियंका गांधी भाई का प्रचार करने पहुंची थी। रोड शो के दौरान एक पत्रकार ने स्मृति ईरानी को लेकर सवाल पूछ लिया।...
PRAVEEN GUPTA
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ज्योति  देहलीवाल
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क्या आपको भी लगता हैं कि छींक आने से अपशकुन होता हैं? शुभ कार्य के लिए घर से निकलते वक्त यदि किसी को छींक आ जाएं तो दो मिनट रुक जाना चाहिए, नहीं तो कोई न कोई अनहोनी होती हैं? यदि हाँ, तो जानिए कि क्या वास्तव में छींक आने से अपशकुन होता हैं? एक बार मैं एक परिचि...