ब्लॉगसेतु

अनंत विजय
56
चीन से जारी तनातनी के बीच प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने लेह की यात्रा की और वहां सेना के जवानों को संबोधित करते हुए दिनकर की कविता की पंक्तियों को भी उद्धृत किया। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी राजनीति में अपने गैरपारंपरिक तौर तरीकों से चौंकाते रहे हैं। अब कूटनीति के ए...
जेन्नी  शबनम
505
मेरी पुस्तक 'लम्हों का सफ़र' जो मेरा प्रथम एकल कविता-संग्रह है, का लोकार्पण 7. 1. 2020 को विश्व पुस्तक मेला, दिल्ली में संपन्न हुआ। आदरणीय रामेश्वर काम्बोज 'हिमांशु' जी, केन्द्रीय विद्यालय से अवकाशप्राप्त प्राचार्य और साहित्यकार हैं, पुस्तक के लोकार्पण में शामिल न ह...
Kajal Kumar
15
सुशील बाकलीवाल
407
        अभी-अभी कोविद टास्क फोर्स के प्रमुख की बहुत गंभीर खबर आई है जिसके अनुसार  भारत ने कोरोना संक्रमण के 3रे चरण में प्रवेश कर लिया है । इसका मतलब यह कि अब हर जगह कोरोना संक्रमण बगैर  किसी ट्रेसिंग के आप तक भी आसानी से पहुंच सकता है...
रवीन्द्र  सिंह  यादव
243
बाबा रामदेव जी के नाम खुला पत्रमहोदय,       समाचार माध्यमों से ज्ञात हुआ कि आपने करोना वायरस (Covid-19 ) से फैली महामारी का इलाज खोज लिया है और 'कोरोनिल' नाम की दवा से सात दिन में बीमारी ठीक होने का दावा किया है।भारत में दैवीय चमत्कारों में...
kumarendra singh sengar
28
बाबा रामदेव के द्वारा कोरोना वायरस इलाज हेतु दवा का बाजार में उतारा जाना समूचे बाजार में हलचल मचा गया. इसके साथ-साथ विभिन्न विचारधाराओं की धाराओं में भी भँवरें पड़ने लगीं. ऐसा कोलाहल सा दिखाई देने लगा मानो अभी सुनामी आने वाली हो. बाबा की इस दवाई से ऐसी तबाही मचने वा...
Basudeo Agarwal
168
(1-7 और 7-1) आरोही अवरोहीजोतुमआँखों सेकह  देतेतो मान जाते।हम भी जुबाँ पेकोई बात ना लाते।अब ना हो सकेगीवापस बात वो।कह जाती हैखामोशियाँना सकेजुबाँजो।*****जोबातनयनकह देतेचुप रह के।वहीं रहे लाखशब्द बौने बन के।जो कभी हुए नहींआँखों से घायल।नैनों की भाषाक्या  सम...
sanjiv verma salil
6
नवगीतराम रे!*राम रे!कैसो निरदै काल?*भोर-साँझ लौ गोड़ तोड़ रएकामचोर बे कैते।पसरे रैत ब्यास गादी पैभगतन संग लपेटे।काम पुजारी गीता बाँचेंगोपी नचें निढाल-आँधर ठोंके तालराम रे!बारो डाल पुआल।राम रे!कैसो निरदै काल?*भट्टी देह, न देत दबाईपैलउ माँगें पैसा।अस्पताल मा घुसे कसाईथ...
 पोस्ट लेवल : नवगीत राम रे!
sanjiv verma salil
6
*नवगीत रामजी *छंद बहोत भरमाएँराम जी जान बचाएँ*वरण-मातरा-गिनती बिसरीगण का? समझ न आएँराम जी जान बचाएँ*दोहा, मुकतक, आल्हा, कजरी,बम्बुलिया चकराएँराम जी जान बचाएँ*कुंडलिया, नवगीत, कुंडली,जी भर मोए छकाएँराम जी जान बचाएँ*मूँड़ पिरा रओ, नींद घेर रईरहम न तनक दिखाएँ...
 पोस्ट लेवल : नवगीत रामजी
रणधीर सुमन
21
बाबा रामचंद्र बाबा रामचंद्र का जन्म 1875 में ग्वालियर,मध्यप्रदेश के एक ग़रीब ब्राह्मण परिवार में हुआ था। इनका जीवन बड़ा घटना प्रधान रहा था। इन्हें औपचारिक शिक्षा का अवसर नहीं मिला, किंतु 'रामचरित मानस' का इन्होंने अध्ययन किया। बाबा रामचंद्र अपने यौवनकाल में शर्तब...