ब्लॉगसेतु

विजय राजबली माथुर
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Sarvesh Rajan Singh10 mins ·( 21-01-2020 )रामचंद्र गुहा को खोने को बहुत कुछ है.. लेकिन पाने को कुछ भी नहीं क्योकि जो पाना था वो पा लिया अब उसे खोये न, इसका डर का अहसास कराया जा चुका है......*************************************************गाँधी नेहरू पटेल का अ...
Rajeev Upadhyay
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एक दिन नदी ने अरार को उलाहना दी तुमने कभी जाना ही नहीं मेरे भीतर के रस कोसदा से कटे रहे हो मुझसे सूखे और तने रहकर आदर्श पुरुष बनना चाहते हो।अरार ने मुँह खोला मासूमियत चपल हुई मेरी प्रिय नदी मेरे सूखे और कठोर बदन के अंदर तुमने...
सुशील बाकलीवाल
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      एक अनुभवी चित्रकार ने अपनी समझ के अनुसार प्रकृति का एक अत्यंत खूबसूरत चित्र बनाया फिर यह सोचकर कि लोगों को इसमें क्या कमी दिख सकती है उस चित्र को एक तूलिका और रंगों की प्लेट के साथ यह नोट लगाकर रख दिया कि यदि आपको इसमें कोई कमी दिखे तो कृपया उस...
अमितेश कुमार
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घर देता का घर, कुनी घर देता का... इस संवाद को न जाने कितने अभिनेताओं ने साकार किया लेकिन डॉ. श्रीराम लागू की बात ही कुछ और थी. उन्होंने अपने जीवनकाल में अनेक नाटकों और फिल्मों में छोटी बड़ी भूमिकाएं की लेकिन इस संवाद  और भूमिका से जुड़ी उनकी छवि अमिट...
कुमार मुकुल
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नरक यानि नीचे जाना  वैदिक शब्‍दों की जानकारी के लिए ईसा पूर्व छठी सदी में हुए यास्‍क का निरूक्‍त व निघण्‍टु सबसे पुराने ग्रंथ हैं। निरूक्‍त में वैदिक शब्‍दकोष निघण्‍टु के शब्‍दों की व्‍याख्‍या है। इनमें शब्‍दों के मूल अर्थों को जानने का रोचक प्रयास है। जैस...
सुशील बाकलीवाल
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                   इस बार के महाराष्ट्र विधान सभा के चुनावों के बाद सभी राजनीतिक दलों में सत्ता के लिये जो महासंग्राम हुआ, वो समूचे देश ने शताब्दी के इकलौते उदाहरण के रुप में रुचिपूर्वक देखा । अंतत: महाराष्ट्र के इस...
विजय राजबली माथुर
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sanjiv verma salil
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छोड़ गया मितवा :नहीं रहे रामसेवक साहू 'रम्मू'मुक्तिकारामसेवक राम सेवक हो गए*कुछ कहा जाता नहीं है क्या कहूँ?मित्र! तुमको याद कर पल-पल दहूँ।चाहता है मन कि बनकर अश्रु अबनर्मदा में नेह की गुमसुम बहूँमोह बंधन तोड़कर तुम चल दिएयाद के पन्ने पलटकर मैं तहूँकौन समझेगा कि क्या...
 पोस्ट लेवल : रामसेवक साहू 'रम्मू'
मनीष कुमार
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पिछली दीपावली नागपुर में बीती। दीपावली के बाद हाथ में दो दिन थे तो लगा क्यूँ ना आस पास के राष्ट्रीय उद्यानों में से किसी एक की सैर कर ली जाए। ताडोबा और पेंच ऍसे दो राष्ट्रीय उद्यान हैं जो नागपुर से दो से तीन घंटे की दूरी पर हैं। अगर नागपुर से दक्षिण की ओर निकलिए तो...
हर्षवर्धन त्रिपाठी
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दैनिक जागरण के राष्ट्रीय संस्करण में 14 नवम्बर 2019 को छपा लेखकानूनी लड़ाई में एक शताब्दी से कम समय से, लेकिन कई हजार वर्षों से सीता माता का श्राप झेल रही अयोध्या को आज मुक्ति मिल गयी। श्रीरामललाविराजमान रहेंगे, मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई, अगले मुख्य न्यायाधीश एस ए...