..................................."विजय माथुर जी ने ‘क्रांति स्वर‘ के माध्यम से अपनी विचारधारा को पेश करने की एक अनाधिकार चेष्टर की है। वर्तमान काल में यह देखने में आ रहा है कि जो आदमी धर्म के बुनियादी सिद्धांतों तक से कोरा है और जिसके आचरण में धर्म कम और पश...