ब्लॉगसेतु

विजय राजबली माथुर
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Hemant Kumar Jha3 hrs (17-09-2019 )कितने मासूम हैं वे...! बिल्कुल उस बच्चे की तरह जिसे चावल का भूंजा 'कुरकुर' भी चाहिये और 'मुरमुर' भी चाहिये।उसी तरह उन्हें भी...एक खास तरह का राष्ट्रवाद भी चाहिये, नकारात्मक किस्म के सांस्कृतिक वर्चस्व की मनोवैज्ञानिक संतुष्टि...
विजय राजबली माथुर
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 संसद में पहली बार चुनकर आईं तृणमूल कांग्रेस की सांसद महुआ मोइत्रा ने चिंता जताई है कि देश के मौजूदा हालात फ़ासीवाद के शुरुआती संकेत जैसे हैं.26 जून 2019संसद में पहली बार बोलते हुए उन्होंने सात संकेतों का ज़िक्र किया और अमरीका के 'होलोकॉस्ट मेमोरियल म्यूज़ियम...
यूसुफ  किरमानी
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सावरकर पर बेहतरीन लेख...ज़रूर पढ़ें...           अक्तूबर, 1906 में लंदन में एक ठंडी शाम चितपावन ब्राह्मण विनायक दामोदर सावरकर इंडिया हाउज़ के अपने कमरे में झींगे यानी 'प्रॉन' तल रहे थे.सावरकर ने उस दिन एक गुजराती वैश्य को अपने यहाँ खान...
विजय राजबली माथुर
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*लखनऊ की सड़कों पर पेंशन के लिये लड़ते सरकारी कर्मचारियों का समूह हो या पटना की सड़कों पर अपने हक और सम्मान के लिये लड़ते नियोजित शिक्षकों की जमात हो, आउटसोर्सिंग के अमानुषिक शोषण का शिकार होते कर्मी हों या कर्ज से दबे किसान हों, सरकारी वैकेंसी के इंतजार में उम्र गंवात...
यूसुफ  किरमानी
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 तुम्हारे पूजा-पाठ पर सवाल नहीं...तुम्हारी आस्था पर चोट नहीं...लेकिन यार... क्या तुम्हारी कोई प्राइवेसी नहीं है...ध्यान तो तुम अकेले में ही करोगे, फिर तुम्हें वहां मीडिया की जरूरत किसलिए है...तुम अपना पूजा पाठ देश की जनता को क्यों दिखाना चाहते हो।...सुबह उठकर...
विजय राजबली माथुर
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वर्चस्व का औजार बना इस्लामोफोबिया : शिवप्रसाद जोशीक्राइस्टचर्च का हमलावर वही बोल रहा है जो यूरोप में पिछले कुछ सालों में उभरे राष्ट्रवादी कह रहे हैं और अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप दोहरा रहे हैं। न्यूजीलैंड के क्राइस्टचर्च में पिछले दिनों हुए आतंकी...
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देश की जनता होशियार -डा श्याम गुप्त                            देश की जनता होशियार ------एक -- राष्ट्र बचे या हम रोटी कपड़ा मकान में लगे रहें ----========================बिके हुए, भटके हुए, भ्रमित...
देव  कुमार झा
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पिछले लगभग एक साल से लेखन लगभग बंद सा था, आज कुछ बुद्धिजीवी वामपंथियों से अकारण ही बहस कर बैठा जिसमें मात्र मेरी स्वयं की ही ऊर्जा व्यर्थ नष्ट हुई! सोचा ऊर्जा व्यर्थ करने के स्थान पर ब्लॉग पर वापसी की जाए.... बदलते दौर में राजनीतिक ब्लॉगों की एक बाढ़ सी आई...
विजय राजबली माथुर
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स्पष्ट रूप से पढ़ने के लिए इमेज पर डबल क्लिक करें (आप उसके बाद भी एक बार और क्लिक द्वारा ज़ूम करके पढ़ सकते हैं ) लोकसभा चुनाव नजदीक आते ही नेताओं की एक-दसूरे के ऊपर बयानबाजियां शुरु हो गईं हैं। इस दौरान नेता मर्यादा को लांघकर विवादित बयान दे रहे हैं। इसी क्रम...
अनंत विजय
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अपनी कविता में खुद को अपने समय का सूर्य घोषित करने पर रामधारी सिंह दिनकर विवादों में नहीं आए थे, महाभारत के मूल पाठ में कर्ण के चरित्र को अलग तरीके से अपनी रचना में पेश करने के बावजूद दिनकर को लेकर विवाद नहीं हुआ था, हिंदी भाषा को लेकर उनके विचारों पर गैर हिंदी भाष...