ब्लॉगसेतु

यूसुफ  किरमानी
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मुसलमान भी यहूदियों की तरह साफ कर दिए जाएंगे...यह बात किसी सवाल की तरह नहीं आया है बल्कि तथ्यों के जरिए हालात की तरफ इशारा किया गया है। यह बातें उस वक्त की जा रही हैं जब कोरोना के दौरान तमाम साजिश वाली थ्योरी (conspiracy theories) पर बातें हो रही हैं। यहां मैं भी क...
यूसुफ  किरमानी
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तेलंगाना का एक मशहूर मंदिर है, नाम है भद्राचलम मंदिर। यहां हर #रामनवमी वाले दिन यानी आज के दिन सीता-राम कल्याण समारोह होता है। वह कार्यक्रम आज भी हुआ। इसमें #कोरोना को दूर भगाने के लिए भगवान से प्रार्थना की गई।...जानते हैं इस मंदिर में इस बहुत बड़ी पूजा के दौरान #त...
यूसुफ  किरमानी
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#दिल्ली_रक्तपात या #दिल्ली_जनसंहार_2020 की दास्तान खत्म होने का नाम नहीं ले रही है...अकबरी दादी (85) के बाद अब सलमा खातून दादी (70) की हत्या ने मेरे जेहन को झकझोर दिया है। मैंने गामड़ी एक्सटेंशन में तीन मंजिला बिल्डिंग में जिंदा जला दी गई 85 साल की अकबरी दादी की कह...
यूसुफ  किरमानी
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 आरएसएस का गांधी प्रेम बढ़ता ही जा रहा है। आरएसएस के मौजूदा प्रमुख या सरसंघचालक मोहन भागवत 17 फ़रवरी को दिल्ली में गांधी स्मृति में जा पहुंचे। संघ के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है जब कोई सरसंघचालक गांधी स्मृति में पहुंचा है। गांधी स्मृति वह जगह है जहां 30 जनव...
सुशील बाकलीवाल
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      इस समय देश में जिस अफरातफरी का माहौल बना हुआ है इसमें हर उस राज्य में जहाँ BJP का शासन है वहाँ जमकर हिंसा, आगजनी, तोडफोड और जो भी सामने आए उसे नष्ट करदो का जो माहौल बनाया हुआ है क्या यह सिर्फ नागरिकता संशोधन विधेयक के खिलाफ निकाला जा...
विजय राजबली माथुर
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Hemant Kumar Jha3 hrs (17-09-2019 )कितने मासूम हैं वे...! बिल्कुल उस बच्चे की तरह जिसे चावल का भूंजा 'कुरकुर' भी चाहिये और 'मुरमुर' भी चाहिये।उसी तरह उन्हें भी...एक खास तरह का राष्ट्रवाद भी चाहिये, नकारात्मक किस्म के सांस्कृतिक वर्चस्व की मनोवैज्ञानिक संतुष्टि...
विजय राजबली माथुर
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 संसद में पहली बार चुनकर आईं तृणमूल कांग्रेस की सांसद महुआ मोइत्रा ने चिंता जताई है कि देश के मौजूदा हालात फ़ासीवाद के शुरुआती संकेत जैसे हैं.26 जून 2019संसद में पहली बार बोलते हुए उन्होंने सात संकेतों का ज़िक्र किया और अमरीका के 'होलोकॉस्ट मेमोरियल म्यूज़ियम...
यूसुफ  किरमानी
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सावरकर पर बेहतरीन लेख...ज़रूर पढ़ें...           अक्तूबर, 1906 में लंदन में एक ठंडी शाम चितपावन ब्राह्मण विनायक दामोदर सावरकर इंडिया हाउज़ के अपने कमरे में झींगे यानी 'प्रॉन' तल रहे थे.सावरकर ने उस दिन एक गुजराती वैश्य को अपने यहाँ खान...
विजय राजबली माथुर
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*लखनऊ की सड़कों पर पेंशन के लिये लड़ते सरकारी कर्मचारियों का समूह हो या पटना की सड़कों पर अपने हक और सम्मान के लिये लड़ते नियोजित शिक्षकों की जमात हो, आउटसोर्सिंग के अमानुषिक शोषण का शिकार होते कर्मी हों या कर्ज से दबे किसान हों, सरकारी वैकेंसी के इंतजार में उम्र गंवात...
यूसुफ  किरमानी
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 तुम्हारे पूजा-पाठ पर सवाल नहीं...तुम्हारी आस्था पर चोट नहीं...लेकिन यार... क्या तुम्हारी कोई प्राइवेसी नहीं है...ध्यान तो तुम अकेले में ही करोगे, फिर तुम्हें वहां मीडिया की जरूरत किसलिए है...तुम अपना पूजा पाठ देश की जनता को क्यों दिखाना चाहते हो।...सुबह उठकर...