हमारे एक अध्यापक हुए। असल में इसे इस तरह कहा जाना चाहिए कि हम उनके विद्यार्थी हुए। वे कहा करते हैं, जिस चीज़ का आभाव रहता है, उसे ही बार-बार याद करने की ज़रूरत पड़ती है। सब कह रहे हैं आज ‘अंतरराष्ट्रीय शांति दिवस ’ है। इन अर्थों में इसका मतलब यह हुआ कि शांति अभी भी इच...