ब्लॉगसेतु

kumarendra singh sengar
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ज़िन्दगी भर इस बात की टीस रहेगी कि कभी आपसे खुलकर बात भी न कर सके. पिता, पुत्र के बीच का जैसा सम्बन्ध आज देखने को मिलता है, उस समय सोचा भी नहीं जा सकता था. कई-कई महीने तो ऐसे निकल जाया करते थे जबकि हमारे और आपके बीच किसी तरह की कोई बातचीत नहीं होती थी. जबसे होश संभा...
kumarendra singh sengar
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आज अभी-अभी बैठे-बिठाए हिन्दी फिल्म छिछोरे देखने को मिली. पूरी फिल्म तो नहीं बस अंत की लगभग बीस-पच्चीस मिनट की. इस फिल्म के बारे में सुन रखा था कि हॉस्टल लाइफ के बारे में है, कॉलेज की कहानी है मगर कभी देखने की न तो इच्छा हुई और न ही देखने का मौका लगा. ऐसा इसलिए क्यो...
सुशील बाकलीवाल
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             इस दुनिया में हमारा आना अपने माता-पिता के कारण होता है और उनसे जुडे अन्य दूसरे रिश्ते स्वतः हमारे साथ भी जुड जाते हैं, वे हमें अच्छे लगें या नहीं ये अलग बात है किंतु हमें उन्हें अनिवार्य रुप से जीवन भर...
kumarendra singh sengar
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आज की पोस्ट रिश्तों पर लिखने की सोच रहे थे मगर लगा कि रिश्तों की परिभाषा है क्या? जो हम आपसी संबंधों के द्वारा निश्चित कर देते हैं, क्या वही रिश्ते कहलाते हैं? क्या रिश्तों के लिए आपस में किसी तरह का सम्बन्ध होना आवश्यक है? दो व्यक्तियों के बीच की दोस्ती को क्या कह...
अपर्णा त्रिपाठी
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मै अक्सर चुप रहती हूँकहती तो हूँ, पर कम कहती हूँ।बात में हैशीतलतागंगाजल सी,बात में हैंज्वलनताअग्निकुंड सी,बात में हैंकोमलताखिले पुष्प सी,बात में है कठोरतानारियल सी,बात ही तो है जोबनाती है हमारी छवि,देती है हमारेरिश्तों को मजबूती,बनती है हमारेव्यक्तित्व की पहचान,जोड...
 पोस्ट लेवल : बात प्रभाव हदय रिश्ते
kumarendra singh sengar
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वर्षों पुराने दो परिचित. सामाजिक ताने-बाने के चक्कर में, शिक्षा-कैरियर के कारण चकरघिन्नी बन दोनों कई वर्षों तक परिचित होने के बाद भी अपरिचित से रहे. समय, स्थान की अपनी सीमाओं के चलते अनजान बने रहे. तकनीकी विकास ने सभी दूरियों को पाट दिया तो उन दोनों के बीच की दूरिय...
सुशील बाकलीवाल
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          किसी गांव में एक गाँव में एक व्यक्ति के पास 19 ऊंट थे । एक दिन उस व्यक्ति की मृत्यु हो गयी । मृत्यु के पश्चात वसीयत पढ़ी गयी ।  जिसमें लिखा था - मेरे 19 ऊंटों में से आधे मेरे बेटे को, 19 ऊंटों में से एक चौथाई मेरी बेटी को और 1...
kumarendra singh sengar
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अक्सर मन में सवाल उठा करते हैं कि व्यक्ति आपस में सम्बन्ध क्यों बनाता है? आपस में दोस्ती जैसी स्थितियों की सम्भावना वह क्यों तलाशता है? क्यों दो विपरीतलिंगी आपस में प्रेम करने लग जाते हैं? क्या ऐसा होना प्राकृतिक है? क्या ऐसा मानवीय स्वभाव की आवश्यकता के चलते किया...
जेन्नी  शबनम
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रिश्ते(10 हाइकु)  *******   1.   कौन समझे   मन की संवेदना   रिश्ते जो टूटे।   2.   नहीं अपना   कौन किससे कहे   मन की व्यथा।   3.   दीमक लगी   अंदर से...
 पोस्ट लेवल : हाइकु रिश्ते
सुशील बाकलीवाल
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          यदि आपकी उम्र +55 हो चुकी है तो ये समझना आपके ही लिये सबसे अधिक आवश्यक है कि आपकी आगे की जिन्दगी शांत और आनंददायक तरीके से कैसे बीते-          अपने वर्किंग जीवन म...