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Bharat Tiwari
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Hindi Storyआय विल कॉल यू!— रूपा सिंहयह मोबाइल फोन युग है, और सेक्स भला इससे कैसे अछूता रह सकता है? तकनीकी सम्पन्नता के बावजूद वैश्विक अभाव इंसान को कितना विवश कर देता है, चाहे वह स्त्री हो या पुरुष, यह मर्म यहाँ कहानी में दीख रहा है.   प्रो रूपा सिंह अपने...
Bharat Tiwari
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हंस मार्च 2020 में प्रकाशित कहानीविभाजन की कहानियाँदुखां दी कटोरी: सुखां दा छल्लारूपा सिंह  बेबे की गरम और नरम छातियों के बीच दुबककर सो जाना, कूबड़ पर हाथ रखते ही छुहारों और बताशों की मिठास से मुंह गीला होना अमृतसर की गलियों का सोंधापन, बेबे की कुंडल के लश...
Bharat Tiwari
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रूपा सिंह की कवितायेँ शिमला में गोल मेज़ देख के लिखी गई कविता तीन कुर्सियाँ थीं, क़रीने से रखींदूधिया, सफ़ेद, शफ़्फ़ाक।बीच में था एक गोल मेज़धूसर, धूमिल, सपाट । (adsbygoogle = window.adsbygoogle || []).push({}); मेज़ के बीचों बीच ऊँगली फिराओतो निकल आता थ...