ब्लॉगसेतु

विजय राजबली माथुर
165
स्पष्ट रूप से पढ़ने के लिए इमेज पर डबल क्लिक करें (आप उसके बाद भी एक बार और क्लिक द्वारा ज़ूम करके पढ़ सकते हैं ज़्यादातर महिलाओं को कभी न कभी एनीमिया की समस्या हो ही जाती है। इसमें शरीर में हीमोग्लोबिन की कमी हो जाती है और पीड़ित व्यक्ति थकाक और कमज़ोरी महसूस...
Kajal Kumar
13
मधुलिका पटेल
547
सोच रहा हूँ आज अपने गाँव लौट लेगांवों में अब भी कागा मुंडेर पर नज़र आते हैंउनके कांव - कांव से पहुने घर आते हैं पाँए लागू के शब्दों से होता है अभिनंदनआते ही मिल जाता है कुएँ का ठंडा पानी और गुड़ धानीनहीं कोइ सवाल क्यों आए कब जाना है नदी किनारे गले मे...
505
‘‘रोटी की कहानी’’    एक राजकुमारी थी। वह रोटी खाने बैठी। रोटी गरम थी राजकुमारी का हाथ जल गया आर वह रोने लगी।    तब रोटी ने कहा- ‘‘बहिन! तुम तो बहुत कमजोर दिल की हो। जरा सी भाप लगने पर ही रोने लगी।’’   ‘‘सुनो! अब मैं तमको अपनी...
 पोस्ट लेवल : रोटी की कहानी लघुकथा
Sandhya Sharma
224
...रोटी, मन, गाँव, शहरसब्जी तरकारी मेंफूलों की क्यारी मेंरोटी के स्वाद में पापड़ अचार में मेवों पकवानों मेंऊँचे मकानों में बूढे से बरगद मेंशहरों की सरहद में तीज त्योहार में मान मनुहार मेंलोक व्यवहार में नवीन परिधान में बेगानो की भ...
 पोस्ट लेवल : मन रोटी शहर गाँव
rishabh shukla
434
आम आदमी के होते,ज्यादा से ज्यादा तीन अरमान ।दो वक्त की रोटी, तन भर कपड़ा,और हो अपना एक मकान ॥दो वक्त की रोटी के लिए,दर-दर ढूढे कुछ भी काम ।कठिन परिश्रम और मेहनत से,फिर भी सेठ सुना  देता फरमान ॥सुना के मालिक सारे काम,वो जाता अपने धाम ।करदे सारे काम सभी,लेकिन फिर...
प्रवीण चोपड़ा
42
आज मैंने जब टाटा-स्काई ऑन िकया तो िकसी रोटी मेकर का विज्ञापन चल रहा था, यह विज्ञापन मुझे बेहद सस्ता लगता है ...जो इस विज्ञापन को पेश कर रही थी, वह रसोई में गैस या चूल्हे पर रोटीयां बनाने के काम को इतने बुरा भला कह रही थी कि उसे सुनना ही अजीब सा लग रहा था....
 पोस्ट लेवल : सांझा चूल्हा रोटी
Sandhya Sharma
224
बड़ी ताक़त रखती हैं कुछ आवाजें  झकझोरने आत्मा को पर क्या करें इन दहाडों का क्या सामर्थ्य है इनमें समस्या निराकरण का?क्या फर्क पड़ता है  …!तुम हो किसी भी दल से हमें तो सरोकार हल से अगर ना दे सको तो व्यर्थ है तुम्हारे दावे&nb...
अपर्णा त्रिपाठी
117
चूल्हे में रोटी बनाने की वो बिल्कुल भी अभ्यस्त नही थी, तकलीफ उसे चूल्हे से उठ्ने वाले धुंये से नही थी, बल्कि दिल इस बात से दुखी हो रहा था कि बहुत कोशिश करने के बाद भी रोटियां जल जा रहीं थी । आज पहली बार वो बसंत को अपने हाथ से बना खाना बना कर खिलायेगी, वो भी ऐसा ! ब...
 पोस्ट लेवल : प्यार घर रोटी
Bhavana Lalwani
363
दृश्य 1 सड़क पर गाड़ियां  भाग रही  हैं, रुकने का थमने का वक़्त नहीं है अभी; ये सुबह के 9 - 10 के बीच का वक़्त है, सबको जल्दी है; कहीं  ना कहीं    पहुंचना है. ...