ब्लॉगसेतु

Rajeev Upadhyay
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लोमड़ी पेड़ के नीचे पहुँची। उसने देखा ऊपर की डाल पर एक कौवा बैठा है, जिसने मुँह में रोटी दाब रखी है। लोमड़ी ने सोचा कि अगर कौवा गलती से मुँह खोल दे तो रोटी नीचे गिर जाएगी। नीचे गिर जाए तो मैं खा लूँ।लोमड़ी ने कौवे से कहा, ‘भैया कौवे! तुम तो मुक्त प्राणी हो, तुम्हार...
रविशंकर श्रीवास्तव
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 पोस्ट लेवल : लघुकथा
sanjiv verma salil
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लघुकथा:निपूती भली थी-आचार्य संजीव 'सलिल'*बापू के निर्वाण दिवस पर देश के नेताओं, चमचों एवं अधिकारियों ने उनके आदर्शों का अनुकरण करने की शपथ ली. अख़बारों और दूरदर्शनी चैनलों ने इसे प्रमुखता से प्रचारित किया.अगले दिन एक तिहाई अर्थात नेताओं और चमचों ने अपनी आँखों पर हा...
sanjiv verma salil
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२०१८ की लघुकथाएँ: २समानाधिकार*"माय लार्ड! मेरे मुवक्किल पर विवाहेतर अवैध संबंध बनाने के आरोप में कड़ी से कड़ी सजा की माँग की जा रही है। उसे धर्म, नैतिकता, समाज और कानून के लिए खतरा बताया जा रहा है। मेरा निवेदन है कि अवैध संबंध एक अकेला व्यक्ति कैसे बना सकता है? संबंध...
 पोस्ट लेवल : लघुकथा
sanjiv verma salil
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लघुकथा-औरतों की उन्नति*अपने लेखन की प्रशंसा सुन मित्र ने कहा - 'आप सबसे प्रशंसा पाकर मन प्रसन्न होता है किंतु मेरे पति प्राय: कोई प्रतिक्रिया व्यक्त नहीं करते। मेरा ख़याल है कि उन्हें मेरा लिखना पसंद नहीं है परन्तु आप कहते हैं कि ऐसा नहीं है। यदि उन्हें मे...
रविशंकर श्रीवास्तव
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 पोस्ट लेवल : लघुकथा
रविशंकर श्रीवास्तव
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रविशंकर श्रीवास्तव
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रविशंकर श्रीवास्तव
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