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रविशंकर श्रीवास्तव
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 पोस्ट लेवल : लघुकथा
रविशंकर श्रीवास्तव
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 पोस्ट लेवल : लघुकथा
sanjiv verma salil
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सलिल की लघुकथाएंलघुकथाटुकड़े स्पात के*धाँय धाँय धाँयभारी गोलाबारी ने काली रात को और अधिक भयावह बना दिया था किन्तु वे रेगिस्तान की रेत के बगुलों से भरी अंधी में भी अविचलित दुश्मन की गोलियों का जवाब दे रहे थे। अन्तिम पहर में दहशत फैलाती भरी आवाज़ सुनकर एक ने झरोखे से झ...
 पोस्ट लेवल : लघुकथा सलिल
sanjiv verma salil
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सलिल की लघुकथाएँकाँच का प्याला*हमेशा सुरापान से रोकने के लिए तत्पर पत्नी को बोतल और प्याले के साथ बैठा देखकर वह चौंका। पत्नी ने दूसरा प्याला दिखाते हुए कहा 'आओ, तुम भी एक पैग ले लो।'वह कुछ कहने को हुआ कि कमरे से बेटी की आवाज़ आयी 'माँ! मेरे और भाभी के लिए भी बन...
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रविशंकर श्रीवास्तव
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 पोस्ट लेवल : लघुकथा
रविशंकर श्रीवास्तव
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 पोस्ट लेवल : लघुकथा
रविशंकर श्रीवास्तव
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ऋता शेखर 'मधु'
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"अस्तित्व"दिल की धड़कन बन्द होती सी महसूस हो रही थी। मैंने झटपट मशीन निकाली और कलाई पर लगाया। नब्ज रेट वाकई कम था। "ओह, क्या तुम मुझे कुछ दिनों की मोहलत दे सकती हो प्रिय", मैंने डूबते स्वर में उसका हाथ पकड़ते हुए कहा।"तुम्हारे पास समय की कमी नहीं थी। पर अब ऐसा क्या ह...
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रविशंकर श्रीवास्तव
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Meena Bhardwaj
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अपना वजूद भी इस दुनिया का एक हिस्सा है उस लम्हे को महसूस करने की खुशी , आसमान को आंचल से बाँध लेनेका  हौंसला , आँखों में झिलमिल - झिलमिलाते  सपने और आकंठ हर्ष आपूरित आवाज़ -              &nb...
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