लघुकथा जंगल में जनतंत्र - आचार्य संजीव वर्मा "सलिल" * जंगल में चुनाव होनेवाले थे। मंत्री कौए जी एक जंगी आमसभा में सरकारी अमले द्वारा जुटाई गयी भीड़ के आगे भाषण दे रहे थे- 'जंगल में मंगल के लिए आपस का दंगल बंद कर एक साथ मिलकर प्रगतिति की रह...