ब्लॉगसेतु

दिनेशराय द्विवेदी
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'लघुकथा''घड़ीसाज'- दिनेशराय द्विवेदी - कुछ सुना तुमने?- क्या?- अरे! तुमने रेडियो नहीं सुना? टीवी नहीं देखा?- देखा है, सब देखा है। उस में तो न जने क्या क्या होता है। मुझे कैसे पता कि तुम किस के लिए बोल रहे हो?- मैं वो बड़े साहब की बात कर रहा था।- कौन बड़े साहब?- अरे...
sahitya shilpi
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रविशंकर श्रीवास्तव
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डॉ. नन्दलाल भारती क्या राज  है, मौन खिलखिलाहट का नरेंद्र  ? हाशिये के आदमी की नसीब में कहाँ खिलखिलाहट सतेंद्र बाबू ।  चेहरा मौन खिलखिलाहट की चुगली कर रहा है,कोई ख़ास वजह तो है ।  कोई ख़ास नहीं बस एक मुर्दाखोर की याद आ गयी ।  मुर्दाखोर क्या ब...
 पोस्ट लेवल : लघुकथा
भावना  तिवारी
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मित्रों आज मुझे अमन 'चाँदपुरी' द्वारा भेजी गयी एक लघुकथा प्राप्त हुई।अमन 'चाँदपुरी' एक नवोदित हस्ताक्षर हैं।जिनका परिचय निम्नवत् है-नाम- अमन सिहं जन्मतिथि- 25 नवम्बर 1997 ई. पता- ग्राम व पोस्ट- चाँदपुर तहसील- टांडा जिला-...
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 पोस्ट लेवल : प्राण शर्मा लघुकथा
sahitya shilpi
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 पोस्ट लेवल : रचना व्यास लघुकथा
ज्योति  देहलीवाल
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                               थोड़े दिन पहले शिल्पा की सहेली अपने दोनों बच्चों के साथ उसके यहाँ आई थी। उस ने नाश्ते में नमकीन सेवइयां बनाई। जब शिल्पा नाश्त...
 पोस्ट लेवल : लघुकथा
दिनेशराय द्विवेदी
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'लघुकथा' रामदास सरकारी टीचर हो गया। वह स्कूल में मुझ से चार साल पीछे था। एक साधारण विद्यार्थी जो हमेशा पास होने के लिए जूझता रहता था।  मैं स्कूल से कालेज में चला गया। फिर पता लगा कि वह दसवीं क्लास में दो बार फेल हो जाने पर पढ़ने मध्यप्रदेश चला गया। फिर जानकारी...
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 पोस्ट लेवल : सविता मिश्रा लघुकथा
दिनेशराय द्विवेदी
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भूत-कथा दिनेशराय द्विवेदी रात बाथरूम में चप्पल के नीचे दब कर एक कसारी (झिंगूर) का अंत हो गया। चप्पल तो नहाने के क्रम में धुल गयी। लेकिन कसारी के अवशेष पदार्थ बाथरूम के फर्श पर चिपके रह गए। अगली सुबह जब मैं बाथरूम गया तो देखा कसारी के अवशेष लगभग गायब थे। केवल...