ब्लॉगसेतु

ऋता शेखर 'मधु'
121
अपनी अपनी नौकरीसरकार की ओर से जमींदारी प्रथा खत्म हो चुकी थी।फिर भी लोकेश बाबू जमींदार साहब ही कहलाते थे।उनके सात बेटे शहर में रहकर पढ़ाई करते और लोकेश बाबू मीलों तक फैले खेत की देखरेख और व्यवस्था में लगे रहते। धीरे धीरे सातों बेटे ने उच्च शिक्षा प्राप्त की और पदाधि...
 पोस्ट लेवल : लघुकथा
रविशंकर श्रीवास्तव
5
..............................
 पोस्ट लेवल : लघुकथा
रविशंकर श्रीवास्तव
5
..............................
 पोस्ट लेवल : लघुकथा
रविशंकर श्रीवास्तव
5
..............................
 पोस्ट लेवल : लघुकथा
रविशंकर श्रीवास्तव
5
..............................
 पोस्ट लेवल : लघुकथा
रविशंकर श्रीवास्तव
5
..............................
 पोस्ट लेवल : लघुकथा लघु कथा
रविशंकर श्रीवास्तव
5
..............................
 पोस्ट लेवल : लघुकथा लघु कथा
ज्योति  देहलीवाल
51
''मम्मी, मेरे स्कूल में राखी बनाओं स्पर्धा हैं। उसके लिए मुझे राखी की कोई अच्छी सी डिजाइन बताकर उसे बनाना सिखाओं न...'' सातवी कक्षा में पढ़ने वाली अनिता ने कहा। मैं कुछ बोलती उसके पहले ही सासू जी बोल पड़ी- ''तू क्या करेगी राखी बनाना सीख कर? तेरा तो कोई भाई ही नहीं है...
रविशंकर श्रीवास्तव
5
..............................
 पोस्ट लेवल : लघुकथा
sanjiv verma salil
6
लघुकथा : सूरज दुबारा डूब गया*'आज सूरज दुबारा डूब गया', बरबस ही बेटे के मुँह से निकला। 'पापा गलत कह रहे हो,' तुरंत पोती ने कहा। 'नहीं मैं ठीक कहा रहा हूँ। ''ठीक नहीं कह रहे हो।' पोती बहस करने पर उतारू दिखी तो बाप-बेटी की बहस में बेटी को डाँट न पड़ जाए यह सोच बहू बोल...
 पोस्ट लेवल : laghu katha suraj लघुकथा सूरज