--देते मुझको हौसला, कदम-कदम पर मीत।बन जाते हैं इसलिए, ग़ज़लें, दोहे-गीत।।-- शब्द और व्याकरण का, मुझे नहीं कुछ ज्ञान।इसीलिए करता नहीं, मैं झूठा अभिमान।।-- टंकण कर लेता तभी, जब आते कुछ भाव।शब्दों में करता नहीं, जोड़-तोड़ बदलाव।। --गीत-ग़ज़ल दो...
 पोस्ट लेवल : लिखने का है रोग दोहे