ब्लॉगसेतु

रवीन्द्र  सिंह  यादव
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            मानक हिन्दी और आम बोलचाल की हिन्दी में हम अक्सर लोगों को स्त्रीलिंग-पुल्लिंग सम्बन्धी त्रुटियाँ करते हुए पाते हैं। हिन्दी पट्टी के रचनाकारों के लेखन में भी प्रायः इस प्रकार की ग़लतियाँ पायी जाती हैं। दक्षिण भारत और...
kumarendra singh sengar
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आज, चार जनवरी को दृष्टिबाधितों के मसीहा एवं ब्रेल लिपि के आविष्कारक लुई ब्रेल का जन्म हुआ था. उनका जन्म फ्रांस के छोटे से गाँव कुप्रे में 4 जनवरी 1809 को मध्यमवर्गीय परिवार में हुआ था. महज तीन साल की उम्र में एक हादसे में उनकी दोनों आँखों की रौशनी चली गई थी. हर बात...
शिवम् मिश्रा
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आज, चार जनवरी को दृष्टिबाधितों के मसीहा एवं ब्रेल लिपि के आविष्कारक लुई ब्रेल का जन्म हुआ था. उनका जन्म फ्रांस के छोटे से गाँव कुप्रे में 4 जनवरी 1809 को मध्यमवर्गीय परिवार में हुआ था. महज तीन साल की उम्र में एक हादसे में उनकी दोनों आँखों की रौशनी चली गई थी. हर बात...
Bhavna  Pathak
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        हिंदुस्तान को अगर कथा कहानियों का देश कहा जाय तो अतिशयोक्ति न होगी। पूरब से पश्चिम, उत्तर से दक्षिण देश के चप्पे चप्पे में कथा कहानियां रची बसी मिलेंगी। यह भी कम रोचक नहीं है कि एक ही कहानी कई भारतीय भाषाओँ में थोड़े हेर फेर के साथ मिल ज...
sanjiv verma salil
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दोहा सलिला परमब्रम्ह ओंकार है, निराकार-साकार चित्रगुप्त कहते उसे, जपता सब संसार *गणपति-शारद देह-मन, पिंगल ध्वनि फूत्कारलघु-गुरु द्वैताद्वैत सम, जुड़-घट छंद अपार * वेद-पाद बिन किस तरह, करें वेद-अभ्यास सुख-सागर वेदांग यह, पढ़-समझें सायास&n...
केवल राम
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गतअंक से आगे...भावों की अभिव्यक्ति के लिए मनुष्य ही नहीं, बल्कि जीव जन्तु भी कुछ ध्वनि संकेतों का प्रयोग करते हैं. हालाँकि हम उनके ध्वनि संकेतों को समझ नहीं पाते, लेकिन सामान्य व्यवहार में देखा गया है कि वह ऐसा करते हैं. जीवन की हर स्थिति में वह भी अपने भावों की अभ...
ललित शर्मा
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मुकेश कुमार
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प्रतिलिपि कविता सम्मान 2015 के अंतर्गत चयनित मेरी दो कविता "पहला प्रेम" और "मैं कवि नहीं हूँ" के शीर्षक से, उनके साईट पर पोस्ट हुई हैं जिनको आपका प्यार, लाइक और कमेंट की अत्यधिक जरुरत है !! मैं ही विजयी रहूँ, ये तो सोच भी नहीं सकता, क्योंकि मेरे अलावा और सबों की कव...
मुकेश कुमार
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प्रतिलिपि (pratilipi.com) ने मेरे कुछ कविताओं को ई-बुक का शकल दिया, और इसमें मेरे मित्र वीणा वत्सल सिंह का पूर्ण सहयोग रहा !!उम्मीद रखूँगा आपके नजरों से गुजरें, आप मेरे कविताओं को सराहें या आलोचना करें, पर प्रतिलिपि के संपादक मंडल को सिर्फ शुक्रिया ही कह पाएंगे, ऐ...
HARSHVARDHAN SRIVASTAV
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लुईस ब्रेल का जन्म फ़्रांस की राजधानी पेरिस के निकट स्थित कूपव्रे के एक छोटे से शहर में 4 जनवरी, सन् 1809 ई. को हुआ था। उसके पिता घोड़ों की काठी तथा साजी बनाने वाले एक साधारण मोची थे, जो इसी की सहायता से अपनी जीविका अर्जित करते थे।लुईस ब्रेल लगभग 15 वर्ष की आयु...