नेता जी का जन्मदिन बड़े ठाट-बाट व शोर-शराबे के साथ मनाया जा रहा था । नेता बड़ा हो और आयोजन छोटा, तो प्रतिष्ठा का पारा रसातल में जाने का भय रहता है । वैसे भी ये गरीबों व गरीबी के नेता हैं, ऐसे...