ब्लॉगसेतु

सुशील बाकलीवाल
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       वक़्त फ़िल्म का एक डायलॉग- "चाय की प्याली हाथ में उठा कर मुंह तक तक ले जाते-जाते कई बार बरसों बीत जाते हैं, पोटली रुपयों से भरी हो पर इंसान कभी-कभी भीख मांगने पर मजबूर हो जाता है" । फिल्मी दुनिया में ऐसे कारनामे अक्सर होते रहते हैं, इनमें ए...
विजय राजबली माथुर
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Manish SinghSeptember 26 at 5:20 PM दो ध्रुवीय विश्व हमारी पीढ़ी ने देखा है। हमारी सरकारों को कभी रूस और कभी अमरीका की कृपा के लिए जतन करते देखा है। पर एक वक्त था, जब इनके बीच गुटनिरपेक्ष देश तीसरा ध्रुव थे, भारत इनका अगुआ था, और नेहरू इसका चेहरा।उस जमाने मे हम...
अनीता सैनी
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विश्वास के हल्के झोंके से  पगी मानव मन की अंतरचेतना छद्म-विचार को खुले मन से धारणकर स्वीकारने लगी, हया की पतली परत  सूख चुकी धरा के सुन्दर धरातल पर जिजीविषा पर तीक्ष्ण धूप बरसने लगी | अंतरमन में उलीचती स्नेह सर...
सुमन कपूर
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इस दफ़ा शब्दों के मानी बदल गएनहीं उतरे कागज़ पर , तकल्लुफ़ करते रहेवक़्त के हाशिये पर देता रहा दस्तकअनचिन्हा कोई प्रश्न, उत्तर की तलाश मेंकागज़ फड़फड़ाता रहा देर तकबाद उसके, थोड़ा फट कर चुप हो गयाआठ पहरों में बँटकर चूर हुआ दिनटोहता अपना ही कुछ हिस्सा वजूद की तलाश मेंएक सिर...
 पोस्ट लेवल : यादें वक्त जिंदगी
PRAVEEN GUPTA
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कभी दो वक्त की रोटी के लिए साइकिल पंचर बनाते थे, आज IAS अधिकालरी हैं वरुण बरनवाकहते हैं जहां चाह, वहां राह। अगर हौसले बुलंद हों और आत्मविश्वास मजबूत हो तो हर इंसान अपने सपनों को पूरा कर लेता है। दुनिया की सारी तकलीफों को पीछे छोड़ते हुए सफलताओं के डगर में आगे...
Yashoda Agrawal
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वक्त हैया नहीं है वक्तवक्त का क्याबीतता जाता हैकोसना वक्त कोमूर्खता है निरीअनमोल देन है येवक्त.....दाता कीनेमत है ये वक्तवक्त का...हर लम्हा अकूत मूल्यरखता है... जुड़ें रहेंइस वक्त से..आपथाम नहीं सकते...वक्त को...आपकोचलना ही होगा साथवक्त के....कोशिशकीजिए मुस्कुराने...
 पोस्ट लेवल : वक्त मन की उपज
rishabh shukla
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कहते हैं वक्त किसी का नहीं होता,हर वक्त बदलता रहता है|वक्त का मारा,इस दुनियां के सितम सहता है||कल के बच्चे जो,खुद के पैरो पर खड़ा भी भी नहीं हो पाता था|अब कभी भी सीना ताने,सामने पाता हूँ||कल जिसके पहले शब्द को, सुनने को लालायित रहता था मै|आज वो मुझे,सुनना चाहता ही...
Bhavna  Pathak
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  दुनिया भर में विश्व प्रेस स्वतंत्रता दिवस मनाया जा रहा है। तल्ख हकीकत यह है कि हाल ही में विश्व में प्रेस की स्वतंत्रता पर जारी की गई एक रिपोर्ट के अनुसार 180 देशों में भारत का स्थान 136 वां है। सरकार तो चाहती ही है कि मीडया उसका गुणगान करे, उसके खिलाफ कुछ न...
रणधीर सुमन
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देश में लोकतंत्र और न्याय व्यवस्था को संचालित करने के कार्य में अधिवक्ताओं की महत्वपुर्ण भूमिका होती है. अधिवक्ताओं द्वारा देश की जनता को न्याय दिलाने में एक महत्वपूर्ण हिस्सेदारी करनी होती है लेकिन विधि आयोग कि सिफारिशों को मानते हुए केंद्र सरकार विधि आयोग द्वारा...
PRABHAT KUMAR
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वक्त (past) ने वक्त (present) से पूछ लिया: तुम कौन हो?वक्त ने कहा: वक्त (future) आने पर बता देंगे।अर्थात परिस्थितियां बदलती रहती है जैसे -जैसे समय बदलता है। मिलना-बिछुड़ना-मिलना ये क्रम चलता रहता है। ये जरूरी नहीं कि कब क्या हो जाये, पर जरूरी है वक्त का आना इससे पहल...
 पोस्ट लेवल : वक्त चिंतन