ब्लॉगसेतु

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--कर्णधारों की कुटिलता देखकर,देश का दूषित हुआ वातावरण।सभ्यता, शालीनता के गाँव में,खो गया जाने कहाँ है आचरण?--सुर हुए गायब, मृदुल शुभगान में,गन्ध है अपमान की, सम्मान में,आब खोता जा रहा अन्तःकरण।खो गया जाने कहाँ है आचरण?--शब्द अपनी प्राञ्जलता खो र...
Manoj Kumar
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 पोस्ट लेवल : धरती एवं वातावरण
केवल राम
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गत अंक से आगे.....आम जनमानस बोली में ही अपने भावों को अभिव्यक्त करने की कोशिश करता है, उसके जीवन का हर पहलू बोली के माध्यम से बड़ी खूबसूरती के साथ अभिव्यक्त होता है. हम अगर भाषा का गहराई से अध्ययन करते हैं तो पाते हैं कि भाषा में प्रयुक्त कुछ शब्द भाव सम्प्रेषण में...
Manoj Kumar
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 पोस्ट लेवल : धरती एवं वातावरण
Manoj Kumar
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 पोस्ट लेवल : धरती एवं वातावरण
Manoj Kumar
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 पोस्ट लेवल : धरती एवं वातावरण
केवल राम
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हमें यह भी नहीं भूलना चाहिए कि प्रकृति कभी किसी को दोष नहीं देती , लेकिन वह बदला भी आसानी से ले लेती है . इस दिशा में यूरोप को तो यह बात नहीं भूलनी चाहिए कि 2003 में लू की चपेट में किस प्रकार 40 हजार लोग मरे थे . यह सिर्फ यूरोप की ही स्थिति नहीं है दुनिया के तमाम द...
शरद  कोकास
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 मस्तिष्क की कार्यप्रणाली - चार -  वातावरण के साथ शरीर का तालमेल                   शीत ऋतु का आगमन हो रहा है । बदलते हुए इस मौसम को हम अपने शरीर द्वारा महसूस कर रहे हैं । लेकिन जिसे हम महसूस करना कहते हैं...
 पोस्ट लेवल : ए सी वातावरण मस्तिष्क