ब्लॉगसेतु

Lokendra Singh
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'अपना वीडियो पार्क' पर इस विषय पर वीडियो ब्लॉग देखें मुझे आज तक एक बात समझ नहीं आई कि कुछ लोगों को स्वदेशी जैसे अनुकरणीय, उदात्त और वृहद विचार का विरोध क्यों करते हैं? स्वदेशी से उन्हें क्या दिक्कत है? आपको यह समझ आये कि ये लोग स्वदेशी का विरोध क्यों करते हैं...
Lokendra Singh
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वीडियो ब्लॉग में देखें Green Book-2020 और बुद्धिजीवियों की भूमिका  पर विश्लेषणपाकिस्तानी सेना के रणनीतिक एवं गोपनीय प्रकाशन ‘ग्रीन बुक-2020’ के सामने आने से भारत के विरुद्ध चलने वाले प्रोपोगंडा का खुलासा हो गया है। जो तथ्य सामने आए हैं, वे सब चौकाने वाले हैं।...
Lokendra Singh
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देश के किसी भी हिस्से में, जब भी आपदा की स्थितियां बनती हैं, तब राहत/सेवा कार्यों में राष्ट्रीय स्वयंसवेक संघ के कार्यकर्ता बंधु अग्रिम पंक्ति में दिखाई देते हैं। चरखी दादरी विमान दुर्घटना, गुजरात भूकंप, ओडिसा चक्रवात, केदारनाथ चक्रवात, केरल बाढ़ या अन्य आपात स्थित...
Lokendra Singh
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- सुरेश हिंदुस्थानी राष्ट्रवाद सदैव से चर्चा एवं आकर्षण का विषय रहा है। आज के परिदृश्य में तो यह और अधिक चर्चित है। सब जानना चाहते हैं कि आखिर राष्ट्रवाद क्या है? राष्ट्रवाद पर इतनी बहस क्यों होती है? क्यों कुछ लोग राष्ट्रवाद का विरोध करते हैं? राष्ट्रवाद और म...
Lokendra Singh
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इस आलेख पर आधारित वीडियो यूट्यूब चैनल 'अपना वीडियो पार्क' पर देखें - लोकेन्द्र सिंह भारतीय संविधान के शिल्पकार डॉ. भीमराव रामजी अंबेडकर ने समाज में व्याप्त जातिभेद, ऊंच-नीच और छुआछूत को समाप्त कर समता और बंधुत्व का भाव लाने के लिए अपना जीवन लगा दिया। वंचि...
Lokendra Singh
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राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ वर्ष 2025 में शतायु हो जाएगा। अपनी सुदीर्घ यात्रा में संघ ने आदर्श, अनुशासन, सामाजिक एवं व्यक्ति निर्माण के कार्य में नित नये प्रतिमान स्थापित किए हैं। अपनी इस यात्रा में संघ कहीं ठहरा नहीं। निरंतर गतिमान रहा। समय के साथ कदमताल करता रहा। दशो...
Lokendra Singh
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डॉ. सौरभ मालवीय और लोकेंद्र सिंह की पुस्तक ‘राष्ट्रवाद और मीडिया’ का विमोचनसांस्कृतिक राष्ट्रवाद के अध्येता डॉ. सौरभ मालवीय एवं लोकेन्द्र सिंह की पुस्तक ‘राष्ट्रवाद और मीडिया’ का विमोचन मीडिया विमर्श की ओर से आयोजित पं. बृजलाल द्विवेदी अखिल भारतीय साहित्यिक सम्मान...
Lokendra Singh
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वैसे तो 'राष्ट्रवाद' सदैव ही जनसाधारण की चर्चाओं से लेकर अकादमिक विमर्श के केंद्र में रहता है। किंतु, वर्तमान समय में राष्ट्रवाद की चर्चा जोरों पर है। राष्ट्रवाद का जिक्र बार-बार आ रहा है। राष्ट्रवाद को 'उपसर्ग' की तरह भी प्रयोग में लिया जा रहा है, यथा- राष्ट्रवादी...
Sanjay  Grover
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मज़े की बात है कि जब प्रशंसा में तालियां बजतीं हैं तब आदमी नहीं देखता कि तालियां बजानेवालों की भीड़ कैसे लोंगों के मिलने से बनी है !? उसमें पॉकेटमार हैं कि ब्लैकमेलर हैं कि हत्यारे हैं कि बलात्कारी हैं कि नपुंसक हैं कि बेईमान हैं कि.......लेकिन जैसे ही इसका उल्टा कुछ...
Lokendra Singh
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किसी भी अच्छे विचार पर अनावश्यक राजनीतिक विवाद कैसे खड़ा किया जाता है, इसका सटीक उदाहरण है- सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत के आरक्षण संबंधी विचार पर खड़ा किया गया नकारात्मक विमर्श। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रति दुराग्रह रखने वाला वर्ग संघ के विचार को गंभीरता से सुने ब...