ब्लॉगसेतु

कुमार मुकुल
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लेखक की राजनीतिक दृष्टि साफ होनी चाहिए वरिष्‍ठ कवि विजेंद्र से कवि, पत्रकार कुमार मुकुल कीबात-चीत-राष्‍ट्रकवि और जनकवि जैसे संबोधन को आप किस तरह देखते हैं। हाल के दशकों में ना कोई राष्‍ट्रकवि कहलाया ना जनकवि। जबकि राष्‍ट्र और जन दोनों विकसित हुए हैं ? राष्ट्र कवि औ...
अंजू शर्मा
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पिछले दिनों विश्व पुस्तक मेला, दिल्ली में बीकानेर निवासी कवि नवनीत पाण्डे का हिंदी कविता का तीसरा संग्रह 'जैसे जिनके धनुष' लोकार्पित हुआ!  यह संग्रह बोधि प्रकाशन, जयपुर से प्रकाशित हुआ है और वरिष्ठ कवि विजेंद्र जी ने इसकी भूमिका लिखी!  विजेंद्र जी ने भूमि...
anup sethi
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    आप डॉ. विजय बहादुर सिंह और विजय कुमार के बीच समकालीन कविता पर हुए पत्राचार को पढ़ चुके हैं जो मूलतः चिंतनदिशा में छपा था. अब नए अंक में कवि संपादक विजेंद्र और जीवन सिंह की प्रतिक्रियाएं छपी हैं। पहले पढि़ए विजेंद्र की प्रतिक्रिया। पोस्‍ट लंबी है,...